नरमे की फसल खराब होने से परेशान किसानों के सामने अब रवी की फसल को लेकर समस्याएं दस्तक देने लगी हैं। नहराें में पानी छोड़ने में हो रही देरी से गेहूं की बुआई में लेट हो रही है।
इससे पैदावार पर विपरीत असर पड़ सकता है। किसानाें ने सिंचाई विभाग से शीघ्र नहराें की सफाई करवाकर नहरों में पानी छोड़ने की अपील की है।
गत दिनाें सिंचाई विभाग की ओर से नहराें की सफाई करने के उद्देश्य से की गई नहर बंदी अभी तक जारी है, जिससे गेहूं की बुआई करने में देरी हो रही है। विभाग ने नहरबंदी के समय एलान किया था कि नहराें की सफाई करवाकर 30 अक्तूबर तक पानी छोड़ दिया जाएगा।
इसके विपरीत अभी तक नहरों की सफाई का काम अधूरा। बताते हैं कि नहराें की सफाई में अभी भी करीब 10 दिन लग जाएंगे। इससे गेहूं, सरसाें, जौ, चना, आदि की बिजाई लेट हो रही है।
इसके अलावा पिछले करीब 2 सप्ताह से नहरबंदी के कारण गांवों एवं शहरों में बने वाटर वर्क्स की डिग्गियाें का जलस्तर भी नीचा हो रहा है और कई-कई दिनों के बाद जलापूर्ति की जा रही है। किसानों का कहना है कि रवि की फसलों की बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर 15 नवंबर तक की जाती है।
नहरों में पानी न होने के कारण फसलों की बिजाई लेट हा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मुक्तसर और फाजिल्का जिले के करीब 7 लाख एकड़ रकबे में गेहूं की बिजाई करीब 15 दिन लेट होगी। खेती के माहिर बताते हैं कि अगर गेहूं की बिजाई निर्धारित समय से एक सप्ताह लेट होती है तो एक क्विंटल प्रति एकड़ पैदावार घट जाती है।