बीते 11 दिसंबर को शराब व्यवसायी व अकाली नेता शिव लाल डोडा के गांव रामसरा स्थित फार्म हाउस में दलित युवक भीम टांक की हत्या व उसके साथी गुरजंट सिंह जंटा पर कातिलाना हमले के मामले में शिव लाल डोडा द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश जतिंद्र वालिया ने सोमवार को रद्द कर दी है।
पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए गठित किए गए पांच वकीलों के पैनल ने बताया कि बचाव पक्ष द्वारा दी गई दलीलें अदालत ने रद्द कर दी हैं। इस मामले में नवदीप गिरधर सरकारी वकील के अलावा पुलिस कप्तान हरजीत सिंह भी सुनवाई के दौरान मौजूद थे।
पैनल के सदस्यों वकील सुरिंद्र पाल सिंह तिन्ना, अशोक चराया, अमृतपाल सिंह, अजय पाल सिंह व सुनील कडवासरा ने यहां तहसील परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि शिव लाल डोडा की ओर से ओबराय होटल दिल्ली में ली गई फोटो व विजुअलस पेश करते हुए तर्क दिया गया कि शिवलाल की शादी की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वहां सायं 5 बजे आयोजित समारोह में शिव लाल व उसका भतीजा अमित डोडा मौजूद थे इसलिए इन्हें हत्याकांड के प्रकरण में संलिप्त नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर सरकारी पक्ष ने विभिन्न मोबाइल फोनों की कॉल डिटेल्स पेश करते हुए दावा किया कि हत्याकांड से पूर्व व इसके बाद अभियुक्त हरप्रीत सिंह हैरी ने फोन पर अमित डोडा से बात की और अमित डोडा ने इस बारे में शिव लाल डोडा को जानकारी दी।
चाचा भतीजा की एक ही स्थान पर मौजूदगी के प्रमाण मिलने के बाद यह तर्क बेमानी हो जाती है कि शिव लाल को इस प्रकरण की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने अदालत में जो रिकार्ड पेश किया उससे स्पष्ट होता है कि भीम टांक डोडा ग्रुप का कर्मचारी था और इस घिनौने कांड में गिरफ्तार किए गए अधिकतर अभियुक्त भी डोडा ग्रुप के वेतनभोगी कर्मचारी थे। इससे आपराधिक साजिश के आरोपों को बल मिलता है।
अदालत के संज्ञान में यह तथ्य भी लाया गया कि हत्याकांड के लिए इस्तेमाल किए गए तेजधार हथियार भी डोडा ग्रुप द्वारा गांव राजपुरा में संचालित शराब के ठेके से बरामद हुए इसलिए संलिप्त ना होने के तर्क में कोई वजन नहीं है।
वकीलों के पैनल ने कहा कि पुलिस शिव लाल डोडा की गिरफ्तारी के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करवा चुकी और अब अग्रिम जमानत याचिका भी रद्द हो गई इसलिए अब गिरफ्तारी में लेशमात्र भी देरी नहीं होनी चाहिए। पत्रकार वार्ता के समय भी टांक कत्लकांड संघर्ष समिति के संयोजक गोपी राम भी मौजूद थे।
अदालत से बाहर आकर शिव लाल डोडा के वकील चंद्र मोहन मुंजाल ने बताया कि वे अब पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में शिव लाल डोडा की अग्रिम जमानत याचिका दायर करेंगे।