जिला पुलिस ने बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी के आरोप में गिरफ्तार गांव पजगराईं खुर्द निवासी दोनों भाइयों रूपिंदर सिंह व जसविंदर सिंह पर जांच में सहयोग न करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने फरीदकोट अदालत में याचिका दायर करके दोनों भाइयों का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने की इजाजत मांगी है।
याचिका पर अदालत ने दोनों भाइयों के वकील को नोटिस जारी करते हुए 30 अक्तूबर को होने वाली सुनवाई में टेस्ट के संदर्भ में अपना जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार यहां की प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी श्वेता दास की अदालत में दायर याचिका में थाना बाजाखाना प्रभारी ने बताया कि 12 अक्तूबर को गांव बरगाड़ी में पावन स्वरूप की बेअदबी का मामला सामने आया था।
इसके संदर्भ में वहां के गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर कुलवंत सिंह की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों को नामजद किया गया था। पुलिस ने 20 अक्तूबर को मोगा के गांव पंजगराईं खुर्द निवासी रूपिंदर सिंह व उसके भाई जसविंदर सिंह को गिरफ्तार किया और अदालत से 5 दिन का पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ भी की गई। पुलिस के अनुसार दोनों बेहद चालाक हैं और पूछताछ के दौरान इन्होंने पुलिस को किसी तरह का कोई सहयोग नहीं किया।
जसविंदर सिंह ने पुलिस के हर सवाल के जवाब में कहा कि रूपिंदर सिंह को सब कुछ पता है जबकि रूपिंदर सिंह अपनी रीढ़ की हड्डी पर चोट लगी होने का बहाना बनाता रहा और दर्द होने का हवाला देते हुए टाल मटोल करता रहा। पुलिस का दावा है कि रूपिंदर सिंह की फोन पर आस्ट्रेलिया व दुबई में बातचीत होने के सबूत मिले हैं और अन्य कई फोन कॉल में संदिग्ध बातचीत सामने आई है।
ऐसे हालात में दोनों का लाई डिटेक्टर करवाकर ही केस की सच्चाई सामने लाई जा सकती है। पुलिस की याचिका पर अदालत ने रूपिंदर व जसविंदर के वकीलों को नोटिस जारी करते हुए टेस्ट करवाने से संदर्भ में अपना पक्ष रखने की हिदायतें दी है। इस याचिका पर 30 अक्तूबर को सुनवाई रखी गई है।
दोनों भाइयों की गिरफ्तारी को लेकर भी खासा बवाल मचा हुआ है। सिख जत्थेबंदियों का आरोप है कि पुलिस ने सिख समाज को बदनाम करने की मंशा से दोनों को झूठे केस में फंसाया है।
रूपिंदर सिंह पीजीआई से डिस्चार्ज
चंडीगढ़। आरोपी रूपिंदर सिंह को वीरवार दोपहर को पीजीआई ट्रॉमा सेंटर से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उसे डाक्टरों ने आराम करने की सलाह दी है। उसे रीढ़ की हड्डी में दर्द की शिकायत पर पीजीआई में दाखिल कराया गया था। जांच के दौरान कोई भी अंदरूनी चोट नहीं दिखी है। दो दिन उसके कई टेस्ट किए गए, लेकिन सब कुछ सामान्य पाया गया है।