जेएमआईसी श्वेता दास की अदालत ने बरगाड़ी कांड में गिरफ्तार पंजगराईं खुर्द निवासी रूपिंदर सिंह और उनके भाई जसविंदर सिंह का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने को लेकर जिला पुलिस की याचिका पर सुनवाई 31 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दी। अदालत ने पुलिस को शनिवार की सुनवाई के दौरान दोनों भाइयों को भी अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने एक दिन पहले ही याचिका दायर करके अदालत को अवगत करवाया था कि गांव बरगाड़ी में गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी के मामले में पड़ताल के दौरान पुलिस ने 20 अक्तूबर को मोगा के गांव पंजगराईं खुर्द निवासी रूपिंदर सिंह व उसके भाई जसविंदर सिंह को गिरफ्तार किया था।
दोनों का पांच दिन का पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ भी की गई लेकिन पूछताछ में इन्होंने पुलिस को किसी तरह का सहयोग नहीं किया। अपनी याचिका में पुलिस ने इस केस की सच्चाई सामने लाने के लिए दोनों का लाई डिटेक्टर करवाने की इजाजत देने का आग्रह किया था।
इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस हुई। बचाव पक्ष के वकीलों ने इस टेस्ट के संदर्भ में राय जानने के लिए दोनों भाइयों से जेल में मुलाकात करने की इजाजत मांगी जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
अदालत ने केस की सुनवाई 31 अक्तूबर तक के लिए स्थगित करते हुए जिला पुलिस को सुनवाई के दौरान दोनों भाइयों को भी अदालत में लाने की हिदायतें दी है। सूत्रों का दावा है कि शनिवार की सुनवाई के दौरान दोनों भाई लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने से इंकार कर सकते हैं।
उधर पीजीआई चंडीगढ़ से डिस्चार्ज किए जाने के उपरांत रूपिंदर सिंह को वीरवार देर शाम मॉडर्न जेल वापस लाया गया। यहां पर उसे जेल अस्पताल में रखा गया है।