पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बरसात और तेज आंधी के कारण अबोहर सहित आसपास के सभी खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीद का काम ठप हो चुका है। आंकड़ों के अनुसार बरसात में पूरी तरह से भीग चुका करीब 15 लाख बोरी गेहूं सड़ने की कगार पर पहुंच गया। लेकिन चुनावी मतगणना में व्यस्त प्रशासनिक अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सोमवार शाम करीब साढ़े 6 बजे आई तेज आंधी और भारी बरसात से मंडियों में जमा गेहूं की बोरियां फिर से गीली हो गई। खरीद केंद्रों पर ढेरियों में पड़े गेहूं को आढ़तियों व किसानों ने तिरपाल आदि से ढककर भीगने से बचाया। लेकिन खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा जा चुका लाखों बोरी गेहूं पिछले तीन दिनों से लगातार गीला हो रहा है। इस गेहूं का रंग काला पड़ना शुरू हो गया है। अगर अगले दो दिनों में मौसम में सुधार नहीं हुआ तो बोरियों में भरा हुआ गेहूं सड़ना शुरू हो जाएगा। इस बारे में आढ़तिया एसोसिएशन के प्रधान प्रमिल कलानी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पंजाब सरकार और सभी प्रशासनिक अधिकारी इन दिनों 16 तारीख की मतगणना की तैयारियों में जुटे हुए हैं जबकि किसानों की फसल की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियों और लिफ्टिंग ठेकेदारों की लापरवाही के कारण करीब 15 लाख बोरी तीन दिनों से मंडियों में गीली हो रही है। अगर यह गेहूं सड़ता है तो सरकारी कोष को करोड़ों रुपये की चपत लगेगी। मंगलवार शाम को आई तेज आंधी से कई स्थानों पर पेड़ गिर गए और बिजली के तार टूटने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। दुकानों के बाहर और सड़कों के किनारों पर लगे फ्लैक्स बोर्ड उड़ गए। किसानों के खेतों में पड़े गेहूं के गट्ठर पूरी तरह से बिखर गए। इसी प्रकार से फिरोजपुर में भी तेज आंधी और बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तार टूटने से बिजली गुल हो गई जबकि कई स्थानों पर पेड़ टूट कर सड़कों पर गिरने से यातायात व्यवस्था ठप होने की सूचना मिली है।