वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा की कोठी के सामने अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी स्टाफ नर्स की सोमवार को हालत बिगड़ गई।
मौके पर पहुंची सिविल अस्पताल की टीम ने बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। डाक्टर उसे खतरे से बाहर बता रहे हैं। पिछले पांच दिन से स्टाफ नर्सों को रेगुलर करने मांग को लेकर एनआरएचएम स्टाफ नर्स इंप्लाइज यूनियन की ओर से ढींढसा की कोठी के समक्ष भूख हड़ताल शुरू की गई है।
सोमवार को पांच दिन से भूख हड़ताल पर बैठी यूनियन की जिलाध्यक्ष सुनंदा कपिल की हालत खराब हो गई और वह बेहोश हो गईं। उसे तुरंत सिविल अस्पताल की टीम ने अस्पताल पहुंचकर उसका इलाज शुरू कर दिया। डाक्टरों ने उसे ग्लुकोज तथा अन्य दवाएं देकर उसकी हालत में कुछ सुधार कर दिया है लेकिन अभी भी वह काफी हद तक कमजोर नजर आ रही है।
सुनंदा कपिल ने बताया कि उसे प्रशासन ने बेहोशी की हालत में अस्पताल भर्ती कराया है लेकिन वह अपने संघर्ष के लिए अभी भी अटल है। उसके मुताबिक यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कौर और रणजीत कौर भूख हड़ताल वाली जगह पर पहुंचेंगी और अगले कार्यक्रम की रूपरेखा बनाएंगी।
आंगनबाड़ी वर्करों ने भूख हड़ताल शुरू की
संगरूर। आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब (सीटू) ने भी अपनी मांगों को लेकर वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा की कोठी के समक्ष अनिश्चित समय के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष उषा रानी ने बताया कि पहले दिन यूनियन की पांच वर्कर भूख हड़ताल पर बैठीं जिनमें सुनीता देवी, मोनिका, मीनाक्षी, अमनदीप कौर और नरेंद्र कौर शामिल हैं। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, भूख हड़ताल जारी रहेगी। यूनियन ने मांग की कि उन्हें डीसी रेट और कम से कम दस हजार रुपये तक का मान भत्ता दिया जाए। इस मौके पर सुभाष रानी, परमजीत कौर, गुरमेल कौर, सुरिंदर मंडेर आदि मौजूद थीं।