लोकसभा चुनाव में संभावित परिणाम न मिलने से आहत हुई पंजाब सरकार मंडियाें में पड़े पीले सोने की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
इससे अबोहर उपमंडल के विभिन्न गांवों के खरीद केंद्रों पर रखा हजारों बोरी गेहूं बरसात में भीगने के बाद अब सड़ने लगा है। इधर, मंडी के मजदूरों ने लिफ्टिंग समस्या से परेशान होकर मार्कफेड के मैनेजर का पुतला फूंका और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लिफ्टिंग व्यवस्था शीघ्र ही सुचारु करवाने की मांग की है ताकि गेहूं को सड़ने से बचाया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 24 घंटों के अंदर बोरियों की लिफ्टिंग न करवाई गई तो वे सभी मंडियों में कामकाज ठप कर सड़कों पर रोष प्रदर्शन करेंगे।
धानक मजदूर यूनियन के प्रधान प्रेम पाल पिंटू व कोषाध्यक्ष राजीव बॉस ने बताया पिछले दिनों हुई बरसात से विभिन्न मंडियाें में हजारों क्विंटल गेहूं पूरी तरह से गीला हो गया था। गांव कुंडल में करीब 45 हजार 654 बोरी गेहूं की लिफ्टिंग नहीं करवाई जा रही है। इस कारण गीला गेहूं सड़ने के कारण बदबू मार रहा है। उन्हाेंने आशंका जताई है कि अगर अधिकारियों ने शीघ्र ही इस ओर ध्यान नहीं दिया तो हजारों बोरी गेहूं खराब हो सकती है।
पंचकोसी में साठ हजार बोरी खराब होने की कगार पर
इधर लिफ्टिंग समस्या से परेशान गांव कुंडल मंडी में करीब 200 मजदूरों ने मंगलवार को रोष स्वरूप मार्कफेड के मैनेजर अमरजीत बराड़ के खिलाफ नारेबाजी की। गांव पंचकोसी में करीब 60 हजार बोरी गेहूं खराब होने की कगार पर पहुंच गया है और मंडी में लगे 150 मजदूर बेरोजगार बैठे हैं। रोष स्वरूप मजदूराें ने मंडी का गेट बंद कर अमरजीत बराड़ का पुतला फूंका।
मौजगढ़ की दाना मंडी में दस दिन से लिफ्टिंग बंद
इसी प्रकार से गांव मौजगढ़ की दाना मंडी में करीब 10 दिन से लिफ्टिंग बंद है और मंडी में करीब 34 हजार बोरी गेहूं खराब हो रहा है। गत 1 माह में मात्र 25 हजार बोरियों की ही लिफ्टिंग हो पाई है। प्रेम पाल पिंटू ने बताया कि बारिश के कारण इन मंडियाें में गेहूं का बहुत अधिक नुकसान हुआ है। जबकि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।