अगवा करने, फिरौती वसूलने के बाद बच्चे की हत्या करने पर जिला एडिशनल सेशन जज डॉ. राकेश कुमार की अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। दोषी सुखजिंदर सिंह ने 2010 में मक्खू से सात साल के हार्दिक को अगवा किया था।
जानकारी के अनुसार 23 अक्तूबर 2010 में आरोपी सुखजिंदर सिंह वासी बस्ती सोढियां ने डा. दविंदर शर्मा वासी मक्खू के सात साल के बेटे हार्दिक को अगवा किया था। उसके बाद बच्चे के मां-बाप से चार लाख रुपये की फिरौती मांगी। फिरौती की रकम दो लाख रुपये तय हुई। अपहरणकर्ता सुखजिंदर ने बच्चे के परिजनों को फिरौती की रकम गांव सूदा के बस स्टैंड पर रखने को कहा। परिजनों ने इसके बारे में पुलिस को सूचित किया।
पुलिस की निगरानी में मांगी गई फिरौती अपहरणकर्ता की बताई जगह पर रखी गई, लेकिन फिरौती की रकम अपहरणकर्ता पुलिस को चकमा देकर ले गया। अपहरणकर्ता ने बच्चे की हत्या इसलिए कर दी कि बच्चे ने उसको पहचान लिया था। पुलिस ने बच्चे की लाश मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि आरोपी को मोबाइल फोन के जरिए पकड़ा गया। पुलिस ने उसके खिलाफ थाना मक्खू में केस दर्ज कर चालान अदालत में पेश किया।