राज्य सरकार की तरफ से बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन
स्वरूप की बेअदबी समेत इससे संबंधित बहिबल गोलीकांड और अन्य घटनाओं की
न्यायिक जांच के लिए गठित जस्टिस जोरा सिंह आयोग ने वीरवार को फरीदकोट
पहुंच कर जांच शुरू कर दी।
जांच के पहले चरण में जस्टिस जोरा सिंह
ने बरगाड़ी कांड से संबंधित सभी घटना स्थलों का जायजा लिया और प्रभावित
लोगों से जानकारी जुटाई। राज्य सरकार ने करीब दो माह पहले बरगाड़ी कांड व
इससे संबंधित तमाम घटनाओं की न्यायिक जांच के लिए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
के सेवामुक्त जस्टिस जोरा सिंह की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया था
और आयोग से दो माह में रिपोर्ट पेश करने की हिदायतें दी थी।
वीरवार
को न्यायिक जांच का काम शुरू करते हुए जस्टिस जोरा सिंह की अगुवाई में आयोग
की टीम ने सबसे पहले जिला प्रशासन के साथ मीटिंग करते हुए हालात की
जानकारी ली और उसके उपरांत इस मामले से जुड़ी तमाम घटनास्थलों का जायजा
लिया। सबसे पहले वह गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब
पहुंचे। यहीं पर सबसे पहले 1 जून को पावन स्वरूप चोरी होने का मामला सामने
आया था। इसके बाद आयोग ने बरगाड़ी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का भी दौरा
किया और प्रबंधकों से 12 अक्तूबर को सामने आई बेअदबी की घटना के बारे में
जानकारी जुटाई।
दोनों गुरुद्वारा साहिबों से जानकारी जुटाने के बाद
जस्टिस जोरा सिंह ने बहिबल गोलीकांड केे घटनास्थल का जायजा लिया और इस
गोलीकांड में घायल अंगरेज सिंह समेत अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से पूरे
घटनाक्रम की जानकारी ली। वह गोलीकांड में ही गंभीर रूप से घायल हुए गांव
नियामीवाला के बेअंत सिंह व गोलीकांड में शहीद हुए गांव सरावां के गुरजीत
सिंह के परिजनों से भी मिले। साथ ही उन्होंने कोटकपूरा के मुख्य चौक का
जायजा लिया जहां पर 14 अक्तूबर को सिख जत्थेबंदियों के रोष धरने पर पुलिस
लाठीचार्ज व फायरिंग के दौरान करीब 100 लोग घायल हो गए थे।
जस्टिस
जोरा सिंह ने कहा कि आयोग मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश करेगा और
इसके लिए लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है। 18 अक्तूबर को वह दिन भर
फरीदकोट के सर्किट हाउस में उपलब्ध रहेंगे और कोई भी व्यक्ति बिना किसी डर
के आयोग के पास अपने बयान दर्ज करवा सकता है।