पैसे के लेन-देन के झगड़े को सुलझाने के लिए थाने गए एक व्यक्ति की मौत पर शनिवार को बवाल हो गया। नसीब चंद नाम का यह व्यक्ति धनौला थाने गया था लेकिन वहां अचानक विवाद बढ़ने से उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसने थाने में ही दम तोड़ दिया।
मौत से गुस्साए परिजनों ने शव को थाने के सामने रख प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसों के लेन-देन के मामलों में पुलिस को दखलंदाजी करने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन पुलिस ने इस मामले में उनको थाना बुलाकर डराया धमकाया।
नसीब के बेटे फकीर चंद ने बताया कि हरीगढ़ निवासी जुगराज सिंह और लछमण सिंह के पास कर्मचंद के नाम का कोई प्रोनोट था। कर्मचंद की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। शनिवार को इस प्रोनोट की रकम के लेनदेन के संबंध में दोनों धड़ों को धनौला थाने बुलाया था लेकिन तकरार के दौरान नसीब चंद की सेहत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
डीएसपी ने बताया कि फकीर चंद के पिता नसीब चंद के भाई कर्मचंद ने जुगराज सिंह से 4-5 लाख रुपये उधार लिए थे। कर्मचंद की पिछले साल 20 अक्तूबर को मौत हो गई थी। दोनों धड़ों को आज इस लेन-देन के मामले में झगड़ा होने के कारण थाना धनौला में बुलाया गया था। थाने में ही जुगराज सिंह और लछमण सिंह ने नसीब चंद को डराना धमकाना शुरू कर दिया। धमकियों के डर से नसीब चंद की मौत हो गई। डीएसपी ने बताया कि फकीर चंद के बयानों के आधार पर नसीब चंद की मौत संबंधी जुगराज सिंह व लछमण सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।