वीरवार को नजदीकी गांव मंगवाल में उस समय विवाद वाली स्थिति पैदा हो गई जब
गांववासियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के रोष में पानी की टंकी
पर काला झंडा लगा दिया।
इसका पता चलते ही झंडा उतारने आए वाटर
सप्लाई के मुलाजिमों को गांववासियों के रोष का सामना करना पड़ा। दोनों
पक्षों में खूब जुबानी तकरार हुआ और इसके बाद गांववासियों ने प्रशासन के
खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर भाई बचित्र सिंह, बाबा बलजीत
सिंह फक्कर, खजान सिंह और गुरप्रीत सिंह मंगवाल ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ
साहिब की बेअदबी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जो सिख संगत की
भावनाओं को आहत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि काले झंडों से रोष प्रदर्शन तब
तक जारी रहेगा जब तक सिखों को इंसाफ नहीं मिलता।
उन्होंने सभी से
अपील की है कि वह इस बार अपने घरों पर काले झंडे लगाकर काली दिवाली मनाएं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दस नवंबर को सरबत खालसा में संगरूर
जिले से बड़ी संख्या में संगत हिस्सा लेगी।