बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी की तरफ से शनिवार को पहली बार ऑनलाइन पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल इंट्रेंस टेस्ट (पीजीएमईटी) आयोजन किया गया। मेडिकल व डेंटल के पीजी कोर्स एमडी, एसएस, एमडीएस व अल्ट्रासोनोग्राफी की 393 सीटों के लिए 5 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस टेस्ट में 2126 डॉक्टरों में भाग लिया। इस टेस्ट के सफलतापूर्वक आयोजित होने के बाद यूनिवर्सिटी ने 15 मई को आयोजित होने वाली पीएमईटी परीक्षा भी ऑनलाइन करवाने का फैसला किया है।
जानकारी के अनुसार बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की तरफ से पीजीएमईटी के ऑनलाइन परीक्षा के लिए अमृतसर, पटियाला, जालंधर, फगवाड़ा व मोहाली में केंद्र स्थापित किए गए और परीक्षार्थियों को कंप्यूटर भी उपलब्ध करवाए गए। परीक्षा खत्म होने के कुछ समय बाद ही नतीजे की घोषणा भी कर दी गई।
राज्य के 7 मेडिकल कॉलेजों में एमडी व एमएस की 250 और 16 डेंटल कॉलेजों में एमडीएस की 111 सीटों के लिए क्रमवार 1796 व 251 डॉक्टरों ने परीक्षा दी जबकि अल्ट्रासोनोग्राफी की 32 सीटों के लिए 71 परीक्षार्थी शामिल हुए। एनआरआई कोटे की 25 एमडी व एमएस और 16 एमडीएस सीटों के लिए महज 8 डॉक्टरों ने ही परीक्षा दी जिनमें से 3 पास नहीं हो पाए।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने बताया कि पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया है ताकि पेपर के लीक होने की संभावना से लेकर उतर पत्रिका से छेड़छाड़ की संभावना को खत्म किया जा सके। पीजीएमईटी की सफलता के बाद यूनिवर्सिटी ने 15 मई को राज्य की 2100 एमबीबीएस व बीडीएस की सीटों के लिए आयोजित होने वाली पीएमईटी परीक्षा को भी ऑनलाइन करवाने का फैसला किया है।
इस परीक्षा में करीब 15 हजार परीक्षार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। वीसी के अनुसार पहली बार ऑनलाइन परीक्षा की वजह से पीजीएमईटी में दो प्रश्नों को लेकर कुछ तकनीकी खामियां आ गई थीं जिसके लिए सभी परीक्षार्थियों को बराबर के अंक दिए गए हैं।