थाना एनआरआई पुलिस ने इंग्लैंड में रहने वाले प्रवासी भारतीय की धोखाधड़ी से करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन मुलजिमों को गिरफ्तार किया।
एक अन्य मामले में एनआरआई महिला के घर से चोरी करने और मकान पर कब्जा करने के आरोप में महिला को गिरफ्तार किया गया है।
एनआरआई विंग के डीएसपी हरिंदर सिंह डोड ने बताया कि पीड़ित प्रवासी भारतीय परमजीत सिंह विर्दी ने शिकायत की थी कि वह लंबे समय से इंग्लैंड में रहते हैं।
47 साल से वह भारत वापस नहीं आए है। डीएसपी ने बताया कि पीड़ित का मोगा में न्यू माडल कॉलोनी में तकरीबन डेढ़ करोड़ कीमत का प्लाट है। जिसे पिछले साल 13 अगस्त को भूमाफिया ने उसका जाली वोटर कार्ड बना कर उसकी जगह किसी ओर व्यक्ति को तहसीलदार के आगे पेश कर इस प्लाट की रजिस्टरी अपने गिरोह के एक सदस्य से करवा ली और इंतकाल भी मंजूर करवा लिया। इस के बाद गिरोह ने यह प्लाट आगे बेचने के लिए योजना तैयार की, लेकिन यह सारी धोखाधड़ी सामने आ गई।
पुलिस ने जांच में पाया कि पीड़ित एनआरआई का रिश्तेदार निर्मल सिंह गांव खोसा रणधीर को इस प्लाट की जानकारी थी और उसने भूमाफिया से मिल कर यह प्लाट हड़पन की साजिश तैयार की। गिरोह ने पीड़ित प्रवासी भारतीय की जगह पर देव राज निवासी बरोटा रोड, शिमला पुरी, लुधियाना को तहसीलदार के आगे परमजीत सिंह विर्दी के रूप मे पेश किया। इस गिरोह के सदस्य पिशोरी लाल निवासी बेंत नगर, मोगा के हक में बीते वर्ष की 13 अगस्त को प्लाट की रजिस्टरी तस्दीक करवाई गई। रजिस्टरी पर नंबरदार करनैल सिंह, गुरजंट सिंह जंटी के अलावा सुखजीत सिंह निवासी बरोटा रोड शिमलापुरी ने हरदीप सिंह निवासी अहाता बदन सिंह, मोगा का पता लिखवा कर गवाही डाली थी। एएसआई तेजिंदर सिंह ने बताया कि गुरजंट सिंह जंटी के खिलाफ पहले भी एनआरआई से ठगी करने का मामला दर्ज है। थाना एनआरआई पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद केस दर्ज कर पिशोरी लाल, देव राज और निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और नंबरदार करनैल सिंह के अलावा गुरजंट सिंह जंटी, सुखजीत सिंह निवासी बरोटा रोड शिमलापुरी, लुधियाना को नामजद किया है।
डीएसपी डोड ने बताया कि एक अन्य मामले में एनआरआई महिला राज रानी ठाकुर की शिकायत पर मनदीप कौर उर्फ पिंकी नाम की महिला को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित एनआर्रआई महिला ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने मकान की ऊपरी मंजिल मुलजिम महिला को किराये पर दी थी और उनके विदेश जाने के बाद उसने ताले तोड़ कर घर पर कब्जा करने के अलावा उनके घर से घरेलू सामान, एक लाख की भारतीय करेंसी, अमरीकी डालर और कागजात चोरी किया था।