बेमौसमी बारिश के कारण बदरंग हुए धान की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्र की ओर से भेजी गई टीम के मालवा क्षेत्र में नहीं आने से शैलर मालिकों में रोष बढ़ता जा रहा है।
मालेरकोटला के बाद अब भवानीगढ़ इलाके के शैलर मालिकों ने अनिश्चित समय के लिए हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। शैलर एसोसिएशन का कहना है कि जब तक केंद्रीय टीम मालवा की मंडियों में पड़ताल नहीं करेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। शनिवार को भवानीगढ़ की मार्केट कमेटी में शैलर एसोसिएशन की हुई बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारी जीवन गोयल, अशोक गोयल और मोती राम ने कहा कि पंजाब में बेमौसमी बरसात की वजह से धान बदरंग हो गया, जिसका मालवा क्षेत्र में भी काफी नुकसान हुआ है। बावजूद इसके केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई टीम ने सिर्फ माझा और दोआबा क्षेत्र की मंडियों में ही पड़ताल की है।
केंद्रीय टीम ने मालवा क्षेत्र के खासकर संगरूर जिले से भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में धान की पैदावार में अव्वल आने वाले संगरूर जिले को नजरअंदाज कर देना बेहद अफसोस की बात है।
बैठक के दौरान एलान किया गया कि जब तक केंद्रीय टीम उनकी मंडियों में धान के काले दाने की पड़ताल नहीं करने आएगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। आज के बाद कोई भी शैलर वाला धान को नहीं खरीदेगा और न ही एजेंसियों का खरीदा माल शैलरों में लगाएगा। उन्होंने ट्रक यूनियन और मजदूर जत्थेबंदियों को भी इस हड़ताल में सहयोग देने की अपील की है। बैठक में पंजाब सरकार से भी अपील की गई कि वह केंद्र सरकार पर दबाव डालकर मालवा क्षेत्र की मंडियों की पड़ताल करवाएं। उन्होंने मांग की है कि धान की मौजूदा स्थिति के कारण चावलों पर डिस्कलर के लिए छूट दर दस प्रतिशत और डैमेज पर साढे़ चार प्रतिशत की जाए।
बैठक में कुलभूषण, शेर बहादर सिंह बुट्टर, वरिंदर कुमार, गोबिंद राम, हरिंदरपाल सिंह, विजय सिंगला, ओम प्रकाश, अशोक मित्तल, भरपूर सिंह, हरबंस लाल, राज कुमार आदि मौजूद थे।