जिले में रेत के अवैध खनन का खेल बदस्तूर जारी है। लोगों का आरोप है कि रेत माफिया जबरदस्ती खेतों में खनन कर रहे हैं। खनन करने वालों की ओर से रात के समय बाकायदा जेसीबी और ट्रालियों का प्रयोग किया जाता है। जीरा तहसील क्षेत्र में खनन करने वाले सबसे ज्यादा सक्रिय बताए जाते हैं।
लोगों का यह भी आरोप है कि सियासी नेताओं के समर्थन के चलते रेत खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। रात के समय जेसीबी और दर्जन भर ट्रालियां लेकर लोगों के खेतों में घुस कर गुंडागर्दी के बल पर रेत निकाल रहे हैं। यही नहीं बाजार में रेत से भरी ट्राली चार हजार से पांच हजार रुपये तक बेच रहे हैं।
लोगों का यह भी आरोप है कि इस कार्य में पुलिस और माइनिंग विभाग के कई अधिकारी भी उनका साथ दे रहे हैं। इस संबंध में निजामद्दीन वाला (मक्खू) तहसील जीरा निवासी देव ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है। हालांकि अभी तक मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
देव ने बताया कि उसकी 74 कनाल नौ मरले जमीन निजामद्दीन वाला में है। रात के समय जेसीबी और दर्जनों ट्रालियां लेकर रेत माफिया खेतों में जबरदस्ती घुस जाते हैं और रेत निकालना शुरू हो जाते हैं। खनन कार्य में लगे लोगों का ताल्लुक सियासी दलों से हैं। वे जब उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं तो बदले में उन्हें धमकियां मिलती हैं।
कई बार हुए पुलिस पर हमले
जीरा तहसील में कई बार रेत माफिया ने पुलिस पार्टी पर हमले किए हैं। यही कारण हैं कि इन्हें सियासी पार्टी के नेताओं का समर्थन मिल रहा है। 250 रुपये से लेकर चार सौ रुपये तक मिलने वाली रेत से भरी ट्राली मौजूदा समय में चार से पांच हजार रुपये में बिक रही है।
कई रेत गड्डों पर सियासी पार्टी के लोगों का अवैध कब्जा है। मनमर्जी के दाम पर रेत बेच रहे हैं। क्षेत्र के लोगों की मानें तो इस बात की खबर जिला प्रशासन को भी है, लेकिन सियासी लोगों के आगे उनकी भी नहीं चल रही है।