बल्लूआना की उपतहसील सीतो गुन्नों के अंतर्गत आते गांव हिम्मतपुरा और बजीदपुरा के लोगों को सरकार द्वारा दी जाने वाली बिजली, पानी एवं सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिससे पीड़ित गांव के लोगों ने पंजाब सरकार से अपील की है कि यदि सरकार उन्हें उक्त सुविधाएं नहीं दे सकती तो उन्हें पड़ोसी राज्य राजस्थान के साथ जोड़ दिया जाए।
बजीदपुरा के सरपंच सुरजीत कुमार सहित गांववासी इकबाल सिहं, पूर्ण सिंह, जरनैल सिंह, सुखविंदर सिंह, जसमेल सिंह, जगतार सिंह व गांव हिम्मतपुरा के सरपंच सुशील कडवासरा सहित गांववासी मेजर सिंह पूर्व सरपंच, तीर्थ सिंह, मलकीत सिंह, देसराज, साधू सिंह, मुकेश, सुरेश, विनोद, निर्मल, हंसराज ने कहा कि वे पंजाब सरकार के झूठे आश्वासन सुनते-सुनते थक चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनके गांवों को जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य पिछले 14 माह से अधूरा पड़ा है।
इस कारण उनके गांवों को बसें नहीं आती। इसके अलावा गांवों और नजदीकी ढाणियों में बिजली नहीं आती। इस बारे में शिकायत करने पर बिजली बोर्ड अधिकारी ट्यूबवेल को लाइट देने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि इन गांवों में एक भी ट्यूबवेल का कनेक्शन नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक माह से गांवों को पेयजल आपूर्ति करने की पाइप टूटी होने के कारण पानी की सप्लाई भी नहीं होती। उन्होंने अपील की है कि अगर पंजाब सरकार उनको मूलभूत सुविधाएं देने में असमर्थ है तो उनके गांवों को राजस्थान के साथ जोड़ दिया जाए।
सरपंचों से लेंगे रिपोर्ट : उपमंडल मजिस्ट्रेट
वहीं इस समस्या के बारे में उपमंडल मजिस्ट्रेट राजपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे तुरंत गांवों के सरपंचों से संपर्क कर उनसे पूरी रिपोर्ट लेंगे और बिजली, पानी और सड़क विभागों के मुखियों को जवाब तलब करेंगे। उन्होंने कहा कि गांवों के लोगों को शीघ्र ही सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।