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पुलिस डोडा की नहीं कर रही गिरफ्तारी

Sat, 09 Jan 2016 02:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
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भीम हत्याकांड के 27 दिन बाद भी पीड़ित परिवार को पंजाब सरकार और पुलिस की तरफ से कोई इंसाफ नहीं मिलने पर शुक्रवार को भीम के पिता, माता के अलावा गुरजंट सिंह के परिवार ने संघर्ष को और तेज करने की चेतावनी दी है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि पुलिस भीम हत्याकांड के मुख्य आरोपी शिव लाल डोडा को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
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इसके अलावा अमृतसर के अस्पताल में गुरजंट का इलाज चल रहा है उस पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं की गई है। पीड़ित परिवार भीम टांक के पिता कपूर चंद, माता कौशल्या देवी, जंटा के भाई रंजीत सिंह राणा ने कहा कि बीते माह 11 दिसंबर को शराब व्यवसायी व अकाली नेता शिव लाल डोडा के रामसरा गांव स्थित किलानुमा फार्म हाउस में भीम की बर्बरतापूर्वक हत्या व उसके साथी गुरजंट सिंह उर्फ जंटा लाहौरिया पर कातिलाना हमले किया था।

इसके बाद पीड़ित परिवारों से संवेदना व्यक्त करने लिए ना तो मुख्यमंत्री और ना ही उपमुख्यमंत्री अबोहर आए हैं। हालांकि बीते सप्ताह उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने विश्वास जताया था कि मुख्यमंत्री शीघ्र संतनगर पहुंचेंगे। सुखबीर बादल ने तीन दिन में शेष बचे आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य मांगों को भी सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक उनकी तरफ से किसी कार्रवाई का संकेत नहीं मिला।
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उन्होंने कहा कि अतिरिक्त जिला एवमं सत्र न्यायाधीश द्वारा शिव लाल डोडा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बावजूद उसे गिरफ्तार करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। शराब व्यवसायी का कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि उसके कर्मचारी व रिश्तेदार शिवलाल से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं लेकिन पुलिस ने उसका अता पता लगाने की दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाया।

रंजीत सिंह राणा ने कहा कि उसका भाई गुरजंट सिंह के इलाज पर अब तक 15-16 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। यह राशि रिश्तेदारों व शुभचिंतकों से उधार लेकर जुटाई गई है। राणा ने बताया कि उपमुख्यमंत्री के बाद वे केन्द्रीय राज्य मंत्री हरमिसरत कौर बादल से भी श्रीगंगानगर जाकर मिले थे।

उन्होंने भी पीड़ित परिवारों की समूची सहायता करने के साथ साथ मुख्यमंत्री के अबोहर दौरे को यकीनी बनाने का आश्वासन दिया था लेकिन उस आश्वासन पर भी कोई अमन होता नहीं दिखाई देता।

इस कांड को लेकर बनाई गई 21 सदस्यीय समिति के साथ साथ पीड़ित परिवारों के सबर का बांध भी अब टूटने वाला है। बेहतर होगा कि सरकार मुख्य आरोपी शिव लाल की गिरफ्तारी तुरंत करे और पीड़ित परिवारों को सहायता तथा सरकारी नौकरी देकर सांत्वना प्रदान की जाये अन्यथा संघर्ष को तेज करने के सिवाए कोई चारा नहीं रहेगा।
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