उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने पावन ग्रंथ की बेअदबी की घटना को लेकर बहिबल कलां में रोष प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए सिख नौजवानों के परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है। मंगलवार को दोनों मृतक युवकों के परिजनों के आवास पर अफसोस जताने पहुंचे उपमुख्यमंत्री बादल ने कहा कि आगामी दिनों में होने वाले कैबिनेट की मीटिंग के दौरान इन्हें सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव पारित कर दिया जाएगा।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री गांव सरावां में मृतक गुरजीत सिंह के आवास पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने परिवार से हमदर्दी जताते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और तीन माह के भीतर इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर परिवार व पंचायत की मांग पर सुखबीर ने गुरजीत सिंह के नाम पर गांव सरावां में करीब 60 लाख की लागत से कम्यूनिटी सेंटर बनाने और गांव को विकास कार्यों के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये की ग्रांट देने का भी एलान किया।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री गांव नियामीवाला में मृतक किशन भगवान सिंह के घर गए। इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए अंगरेज सिंह को भी एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इस मौके पर उनके साथ सीपीएस मनतार सिंह बराड़, विधायक दीप मल्होत्रा, चेयरमैन पीआरटीसी अवतार सिंह बराड़, डीआईजी अमर सिंह चाहल, डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी, पूर्व विधायक प्रकाश सिंह भट्टी, परमबंस सिंह रोमाना, एसजीपीसी सदस्य गुरविंदर कौर, शेर सिंह मंडवाला, पूर्व सदस्य नाजर सिंह सरावां, नगर काउंसिल अध्यक्ष मोहन सिंह मत्ता आदि मौजूद थे।
गांव सरावां में काले झंडे दिखाने पहुंचे ग्रामीणों को पुलिस ने उपमुख्यमंत्री के आने से कुछ समय पहले ही हिरासत में ले लिया। हालांकि उपमुख्यमंत्री के आने की सूचना पर मंगलवार सुबह से ही करीब 50-60 ग्रामीण युवक व महिलाएं मृतक गुरजीत सिंह के आवास के बाहर काले झंडे लेकर खड़े गए थे।
पहले तो पुलिस समेत गुरजीत सिंह के परिवार के सदस्य उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे लेकिन जब वह पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने उपमुख्यमंत्री के आने से 10 मिनट पहले प्रदर्शनकारियों पर हलका बल उपयोग करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।
उधर कोटकपूरा के गांव खारा में सीपीएस मनतार सिंह बराड़ को काले झंडे दिखाने का मामला सामने आया है। मंगलवार को सीपीएस बराड़ की तरफ से गांव खारा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्राओं को भाई भागो स्कीम के तहत साइकिलें बांटी जा रही थी।
इस दौरान विभिन्न जत्थेबंदियों से संबंधित ग्रामीण भी स्कूल के बाहर जुट गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विरोध को देखते हुए सीपीएस मनतार सिंह बराड़ को कार्यक्रम बीच में ही छोड़ कर जाना पड़ा। रास्ते में लोगों ने उनकी काफिला को काले झंडे दिखाए।