शहर में इन दिनों डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों ने पैर पसार रखे हैं। डेंगू पीड़ित एक करीब 14 वर्षीय किशोर की श्रीगंगानगर के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
इसके साथ ही करीब एक दर्जन डेंगू पीड़ित मरीज श्रीगंगानगर के विभिन्न अस्पतालों में दाखिल हैं। जबकि लगातार बुखार से पीड़ित कई मरीज अबोहर के निजी अस्पतालों में उपचाराधीन है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
नई आबादी वार्ड नं. 8 के राजीव नगर गली नं. 4 निवासी दौलत राम का 14 वर्षीय इकलौता बेटा रमन कुमार पिछले कई दिनाें से बुखार से पीड़ित था। रक्त की जांच करवाने पर उसमें डेंगू के लक्षण पाए गए। इसके बाद यहां के प्राईवेट डाक्टराें ने उसे श्रीगंगानगर रैफर कर दिया लेकिन वीरवार रात्रि रमनकुमार की मौत हो गई।
डाक्टरों की टीम करेगी जांच-एसएमओ
शहर में डेंगू के मरीज की मौत पर बातचीत करते हुए सरकारी अस्पताल के एसएमओ डा. लालचंद ने बताया कि इस घटना की सूचना मिलते ही उन्हाेंने दो डाक्टरों की एक टीम गठित की है जो मोहल्ले में जाकर वहां की स्थिति का जायजा लेगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहल्ले के लोगों की जांच की जाएगी तथा उन्हें इन बीमारियों से बचाव के बारे में जागरूक किया जाएगा।
फिरोजपुर जिले में डेंगू के चौदह मरीज
फिरोजपुर के सिविल सर्जन डा. वाई.के गुप्ता का कहना है कि जिलेभर में डेंगू के चौदह मरीज हैं, जो इस समय पूरी तरह स्वस्थ हैं। डा. गुप्ता ने बताया कि डेंगू के मरीजों के लिए सिविल अस्पताल में एक अलग छह बैडों का वार्ड बनाया है। यहां पर ऐसे मरीजों के लिए प्रत्येक दवाइयों का इंतजाम है। क्षेत्र में मच्छर मार दवाइयों का छिड़काव भी करवाया जा रहा है।