जिला एवं सेेशन जज जीएस बख्शी की अदालत ने स्थानीय नायब तहसीलदार एवं राजस्व पटवारी की जमानत की अर्जी मंजूर कर ली है।
थाना
कोट ईसेखां पुलिस ने जालसाजी करने के आरोप में एक भगौड़े आरोपी समेत 7 के
खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें नायब तहसीलदार जो पहले कानूनगो थे को भी
नामजद किया था। थाना कोट ईसेखां पुलिस ने 30 दिसंबर को सेवा सिंह गांव
गलोटी की शिकायत पर कुलदीप कुुमार उसकी पत्नी सरिता जीत शर्मा, भाई शिवचरन
दास, मां निर्मला देवी और पिता इंद्रजीत धामी के अलावा राजस्व पटवारी रवि
कुमार और उस समय के हलका कानूनगो सुरिंदर कुमार पब्बी के खिलाफ केस दर्ज
किया था।
सेवा सिंह ने आरोप लगाया था कि केस में नामजद राजस्व विभाग
कर्मचारियों की मिलीभगत से आरोपियों ने जाली पासपोर्ट व अन्य फर्जी
दस्तावेज तैयार कर जमीन तब्दील की है। उसने आरोप लगाया था कि उसका आरोपी
कुलदीप कुमार के खिलाफ अदालत में केस दायर किया हुआ था। अदालत की तरफ से
सम्मन जारी करने के बाद कुलदीप कुमार अपना पक्ष रखने के लिए अदालत में पेश न
हुआ तो अदालत ने उसे भगौड़ा करार दे दिया।
इस दौरान वह पारिवारिक
सदस्यों की मिलीभगत से जाली पासपोर्ट बनाकर विदेश चला गया। उसके पारिवारिक
सदस्यों ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज
तैयार कर उसकी मां निर्मला देवी के नाम कर दिया था। पुलिस ने राजस्व पटवारी
रविकुमार को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में नायब तहसीलदार सुरिंदर
कुमार पब्बी ने अग्रिम जमानत ली और रवि कुमार ने रेगुलर जमानत के लिए अर्जी
दायर की थी।
जिला एवं सेशन जज जीएस बख्शी की अदालत ने दोनों वकीलों
की दलीलें सुनने और तथ्यों को पढ़ने बाद राजस्व पटवारी और कानूनगो सुरिंदर
कुमार पब्बी जो अब नायब तहसीलदार हैं की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।