पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सवाल किया
है कि यदि केंद्र सरकार कर्ज तले दबे कारपोरेटों के 1.14 लाख करोड़ रुपये
माफ कर सकती है, तो फिर वह इसी तरह ही गरीब किसानों के लोन क्यों नहीं माफ
कर सकती, जो इतने ज्यादा नहीं हैं।
उन्होंने हैरानी जाहिर की है कि
क्यों मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल यह मामला केंद्र में अपनी हितैषी सरकार
के पास नहीं उठाते, जिसमें उनकी बहू एक मंत्री हैं। वे वीरवार को संधू
पैलेस में जाट महासभा द्वारा आयोजित पगड़ी संभाल किसान मुहिम के कार्यक्रम
में मालवा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे किसानों को संबोधित कर
रहे थे।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि कर्ज चुकाने में असफल रहने
के कारण किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं और ज्यादातर मामलों में यह कर्ज
सिर्फ कुछ लाख के हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को सिर्फ
अपनी बहू को मंत्री का पद मिलने पर खुश न होकर यह मामला भी केन्द्र सरकार
के पास उठाने को कहा है।
इस क्रम में हाल ही में एक किसान द्वारा जज
के सामने आत्महत्या करने के मामले में प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कैप्टन
ने वादा किया कि राज्य में कांग्रेस की सरकार आने पर सुनिश्चित किया जाएगा
कि किसान कभी भी ऐसे दबाव में आकर ऐसे निराशाजनक कदम न उठाएं।
प्रदेश
कांग्रेस प्रधान ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा सुखबीर बादल के इशारे पर
सिख गुरुद्वारा एक्ट में किए जा रहे संशोधन का जोरदार विरोध किया, जिसके
तहत सहजधारी सिखों को एसजीपीसी चुनावों के दौरान वोट देने के अधिकार से
वंचित किया जा रहा है। यह न्यायिक प्रक्रिया में दखल देने के समान है,
क्योंकि मामला अभी तक सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।
उन्होंने कहा कि
पंजाब को तजुर्बेकार व काबिल सरकार की जरूरत है, जो बादलों द्वारा बीते 10
सालों के दौरान पैदा की आर्थिक बदहाली को दूर कर सके। इस मौके पर जाट
महासभा के प्रांतीय प्रधान व पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों,
विधायक जोगिंदर सिंह पंजगराईं, अजायब सिंह भट्टी, करण कौर बराड़, दर्शन
बराड़, हरपाल सिंह, उपेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे।