पंजाब में रोजाना बिकने वाली शराब की प्रत्येक बोतल से सात रुपये कमीशन कथित तौर पर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को पहुंचती है। प्रदेश में अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार अली बाबा चालीस चोर की तरह कार्य कर रही है, इनके नेता अपनी तिजोरियां भरने में लगे हैं।
इनकी गलत नीतियों के चलते पंजाब से 101 छोटे-बड़े उद्योग बंद हो चुके हैं, जो राजस्थान जा चुके हैं। ये बातें रविवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजपा ने जीरा में जनसंपर्क रैली में कहीं।
बाजवा ने कहा कि पंजाब में रेत, केबल नेटवर्क और शराब से पैसे कमाकर अकाली-भाजपा नेता जेबें भर रहे हैं। बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने विधानसभा चुनाव से पहले बुजुर्ग और विधवाओं से वादा किया था कि पेंशन 250 रुपये से पांच सौ रुपये कर देंगे, जो अभी तक नहीं की।
हिमाचल में 750 और हरियाणा में एक हजार रुपये पेंशन दी जा रही है। बादल ने नौजवानों को रोजगार देने की बात कही थी और जब तक रोजगार नहीं मिलता, तब तक नौजवानों को एक हजार रुपये रोजगार भत्ता देने की बात कही थी, जो नहीं दे रहे।
प्रदेश में शराब के ठेकों में अकालियों का हिस्सा है। मजीठिया को शराब की प्रत्येक बोतल से सात रुपये कमीशन पहुंचती है। अकालियों ने कांग्रेसियों पर इतने झूठे पर्चे दर्ज करवाए हैं कि इन्हें पर्चे दर्ज करवाने की एवज में ट्राफी मिलनी चाहिए।
बाजवा ने कहा कि केंद्र सरकार ने आटा-दाल स्कीम शुरू की है, उस पर भी अकाली-भाजपा अपना नाम इस्तेमाल कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने धान का मूल्य 1345 रुपये निश्चित किया था, लेकिन पंजाब में किसानों का धान आठ सौ रुपये से एक हजार रुपये क्विंटल बिक गया।
पंजाब सरकार ने केंद्र से 1345 रुपये के हिस्सा से पैसे वसूल किए हैं, जो किसानों को नहीं दिए। बाजवा ने कहा कि एक कंपनी मोगा में प्लाट लगाने जा रही थी, लेकिन अकाली इसमें अपना हिस्सा डाल रहे थे।
इस कारण उक्त कंपनी ने मोगा में प्लाट नहीं लगाया। यही नहीं सरकार साइकिल कंपनी से भी कमीशन मांग रही थी, इस कारण वह पंजाब से चले गए। पंजाब में पांच दरिया बहते हैं, लेकिन अब दो और बहने लगे हैं।
इनमें एक नशे और दूसरा लूटपाट का है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बिल्कुल बिगड़ चुकी है। टैक्सों के बारे में बाजवा ने कहा कि बादल सरकार अब श्मशानघाटों पर भी टैक्स लगाने के मूड में है।
इस मौके पर बीबी राजिंदर कौर भट्ठल, राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, सरदूल सिंह बरनाला, हंस राज जोसन, जसबीर सिंह, दर्शन सिंह बराड़ और इंद्रजीत सिंह जीरा के अलावा अन्य नेता उपस्थित थे।