श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की भूमिका अफसोसजनक रही है, ये अपनी कुर्सी व सरकार बचाने में लगे रहे। जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने शुरू से ही ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है। ये बातें जत्थेदार बलवंत सिंह नंदगढ़ ने छावनी स्थित खालसा गुरुद्वारे में मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।
जत्थेदार नंदगढ़ ने कहा कि जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाते तो सिख संगठनों में रोष पैदा न होता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और पुलिस को पंद्रह नवंबर तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वाले आरोपियों को पकड़ने का समय दिया गया है।
इसके बाद अगली रणनीति तैयार कर संघर्ष की घोषणा की जाएगी। तीन नवंबर से दोपहर बारह बजे से तीन बजे तक सिख संगठन काले झंडे लेकर सड़क के किनारे रोष मार्च करेंगे। रास्ता जाम नहीं करेंगे।
नंदगढ़ ने कहा कि नाजुशाह मिसरी वाला में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वाले आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए फिरोजपुर के एसएसपी हरदयाल सिंह मान से बात की है। उन्होंने बताया कि एसएसपी से कहा गया है कि पांच सिखों की एक कमेटी गठित की जाए और इस मामले संबंधी किसी भी सिख से पूछताछ करनी है तो कमेटी अपना सहयोग देगी।
इसके अलावा एसजीपीसी के मेंबर दर्शन सिंह के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों को भी पकड़ने की बात कही गई है। इस मौके पर जत्थेदार केवल सिंह, जत्थेदार भरपूर सिंह, लखबीर सिंह उपस्थित थे।