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बीडीएस फाइनल के 41 प्रतिशत स्टूडेंट्स फेल

Sat, 02 Jan 2016 02:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
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बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी की तरफ से घोषित बीडीएस फाइनल ईयर के नतीजे में राज्य के 15 डेंटल कॉलेजों के करीब 41 प्रतिशत स्टूडेंट्स फेल हो गए हैं।
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यूनिवर्सिटी की तरफ से शुक्रवार को घोषित इस नतीजे में राज्य के 487 में से महज 289 स्टूडेंट्स पास हो पाए हैं, यानी 198 स्टूडेंट्स फेल हो गए। यूनिवर्सिटी की इतिहास में पहली बार बीडीएस का इतना खराब नतीजा आया है।  

यूनिवर्सिटी की तरफ से पिछले माह ही इस वार्षिक परीक्षा का आयोजन किया गया था। यूनिवर्सिटी की तरफ से कॉलेजों के परीक्षा केंद्रों की अदला बदली करने और परीक्षा के दौरान सख्त नियमावली का उपयोग किए जाने की वजह से ज्यादातर डेंटल कॉलेजों का नतीजा बेहद खराब रहा।
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इस बार यूनिवर्सिटी की तरफ से वार्षिक परीक्षा के दौरान नकल के भी कई केस पकड़े गए थे। यूनिवर्सिटी के अनुसार इस बार बीडीएस का नतीजा महज 59.34 प्रतिशत रहा है जबकि वर्ष 2013 व 2014 में क्रमवार 78 व 82 प्रतिशत रहा था।

पांच वर्षीय बीडीएस कोर्स में स्टूडेंट्स को चार साल पढ़ाई करनी होती है जबकि एक साल की इंटरनशिप करनी पड़ती है लेकिन वार्षिक नतीजे में फेल हुए 289 स्टूडेंट्स को इंटरनशिप नहीं कर पाएगें और उन्हें मई, जून माह में होने वाली परीक्षा में अकादमिक पढ़ाई पूरी करने का मौका मिलेगा।
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इस मामले में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने कहा कि ज्यादातर डेंटल कॉलेजों का नतीजा खराब रहा है जिसका सबसे बड़ा कारण कॉलेजों के पास संसाधनों व स्टाफ का अभाव है। यूनिवर्सिटी की कोशिश है कि मेडिकल शिक्षा में नकल की प्रवृति को रोक कर समाज को अच्छे व निपुण डॉक्टर उपलब्ध करवाए जाए जिसके लिए वार्षिक परीक्षाओं के लिए सख्त नियम बनाए है।
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