संगरूर। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां और पंजाब खेत मजदूर यूनियन ने डीसी दफ्तर के समक्ष रोष धरना दिया। जिलाध्यक्ष अमरीक सिंह और हरभगवान सिंह मूनक के नेतृत्व में दिए गए इस विशाल धरने में भारी तादाद में किसानों, मजदूरों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। धरनाकारियों ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही एडीसी प्रीतम सिंह जौहल को मांग पत्र सौंपा।
इस मौके पर किसान नेता हरदीप सिंह टल्लेवाल ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों, मजदूरों की मांगों को पूरा करने से भाग रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार कर्ज से तंग आकर आत्महत्या करने वाले पीड़ित परिवारों को तुरंत मुआवजा दे और एक सदस्य को योग्यता मुताबिक नौकरी देने का वादा तुरंत पूरा करे। किसान मजदूरों की जमीनी कमी को पूरी करने के लिए जमीनी सुधार एक्ट लागू करने की मांग करते कहा कि सरकार विकास के नाम पर किसानों मजदूरों की सब्सिडी खत्म करके आर्थिक बोझ डाल रही है।
किसान नेता जनक भुटाल ने कहा कि तरनतारन, गुरदासपुर और अमृतसर जिलों में घरेलू सप्लाई बिजली के मीटर जबरदस्ती बाहर निकालने बंद किए जाएं और जेलों में बंद किसानों को रिहा किया जाए। मजदूरों को रिहाइशी मकान के लिए दस-दस मरले के प्लाट दिए जाएं। बिजली पानी और सेहत, शिक्षा के क्षेत्र में सब्सिडी बढ़ाई जाए। इस मौके पर दरबारा सिंह छाजला, जसविंदर सिंह, हरपाल पेधनी, जसवंत सिंह तोलावाल, बहाल सिंह ढींढसा, अजैब सिंह, शामदास कांझली, दर्शन सिंह, गोरा सिंह, राम शरण गुराहां, सरूप किला भरियां, दर्शन सिंह और कुलदीप कौर हाजिर थे।