फिरोजपुर। पाकिस्तान सरकार ने ननकाना साहिब माथा टेकने जा रहे पचास फीसदी भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा नहीं दिया है। जिससे उनमें काफी नाराजगी है।
विश्व भाई मरदाना यादगारी कीर्तन दरबार सोसायटी के प्रधान हरपाल सिंह भुल्लर ने बताया कि छह हजार श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब माथा टेकने जाने के लिए वीजे के लिए आवेदन किया था, लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने तीन हजार श्रद्धालुओं को ही वीजा दिया है। भुल्लर ने कहा कि जत्था लेकर जाने वाली सोसायटियों ने इस बारे में भारत के विदेश मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि पचास साल पहले निश्चित किए तीन हजार यात्रियों के जत्थे को बढ़ाकर दस हजार करने संबंधी दोनों देशों की सरकारों को लिखा था, लेकिन उनकी मांग पर किसी भी मंत्री ने ध्यान नहीं दिया है। हर साल हजारों की गिनती में सिख ननकाना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने से वंचित रह जाते हैं। भुल्लर ने कहा कि उनकी सोसायटी ने उकाफ बोर्ड और पीएसजीपीसी के प्रधान को पत्र लिखकर अपील की थी कि 1999 से 2002 तक जो सोसायटियां जत्थे भेज रही हैं उन्हें रजिस्टर्ड करे और उनके श्रद्धालुओं का कोटा निश्चित किया जाए। इस मांग पर भी ध्यान नहीं दिया गया। हर सोसायटी को कोटा निश्चित करने से श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल पेश नहीं होगी।