सुनाम ऊधम सिंह वाला में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर प्रधान जसवंत सिंह तोलावाल के नेतृत्व में एसडीएम दफ़्तर के समक्ष खेती कानूनों की कापियां फूंकीं। इस दौरान गोविंद सिंह, रामपाल, रामशरण सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के इन कानूनों को किसी भी तरह से सहन नहीं किया जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा।
शहीद किसानों के परिवारों को 10 लाख का मुआवजा व नौकरी देने की मांग
पटियाला में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) की ओर से सुखमिंदर सिंह बारन की अगुवाई में डीसी दफ्तर के मुख्य गेट के आगे जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर केंद्र सरकार की ओर से लाए गए खेती कानूनों की कापियां फूंकी गईं। इस मौके यूनियन के जिला प्रधान मनजीत सिंह न्याल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकार छोड़कर खेती कानून तत्काल रद्द करने चाहिए। क्योंकि ये कानून देश के किसानों व खेती सेक्टर को बर्बाद कर देंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली मोर्चों में अब तक 500 के करीब किसान व मजदूर शहीद हो चुके हैं। उनके वारिसों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा व उनके परिवारों से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। इस मौके खेती कानून रद्द करने समेत बिजली बिल 2020 और पराली आर्डिनेंस रद्द करने और एमएसपी पर सारी फसलों की खरीद की गारंटी का कानून बनाने व सार्वजनिक वितरण प्रणाली सारे गरीब लोगों के लिए लागू करने की मांगें उठाई गईं। साथ ही केंद्र व पंजाब सरकार की ओर से मोर्चों में शामिल किसानों पर कोरोना फैलाने के आरोपों को बेबुनियाद बताते इसे आंदोलन कमजोर करने की सरकारी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना इसलिए फैला, क्योंकि सरकार ने रोकथाम के लिए प्रबंध नहीं किए।
मुक्तसर में किसान आंदोलन के चलते शनिवार को पुलिस प्रशासन की ओर से भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश पठेला गोरा के निवास के आसपास बैरिकेड लगाकर सख्त सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। जिसके चलते किसान पठेला निवास तक नहीं पहुंच सके। किसानों ने टिब्बी साहिब रोड पर परनामी मंदिर वाली गली के सामने लगे बैरिकेड के पास एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया। उसके उपरांत कृषि कानूनों की कॉपियां फूंककर नारेबाजी की।
लुधियाना में किसानों ने घेरा भाजपा के पूर्व पंजाब अध्यक्ष का घर
लुधियाना में किसान जत्थेबंदियों ने शनिवार को सुबह भारतीय जनता पार्टी पंजाब के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर राजिंदर भंडारी के ऋषि नगर स्थित घर का घेराव किया। इससे पहले पुलिस ने चारों तरफ बैरिकेडिंग कर रस्सी से सारे रास्ते बंद कर दिए। प्रदर्शनकारी किसान शनिवार की सुबह करीब दस बजे फिरोजपुर रोड पर इकट्ठा हुए और उसके बाद रोष मार्च निकालते हुए रिशी नगर स्थित भाजपा के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेस राजिंदर भंडारी के घर के बाहर इकट्ठा हुए। वहां पर धरना लगाकर कानूनों की प्रतियां जलाईं और मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान नेताओं के साथ महिलाएं भी शामिल थीं। किसानों ने मांग की कि केंद्र सरकार जल्द कृषि कानूनों को वापस ले। प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर किसानों को लड़ाई लंबी लड़नी पड़ी तो जरूर लड़ी जाएगी। इस दौरान किसानों ने कैप्टन सरकार और पूर्व की अकाली भाजपा सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सब मिले हुए हैं और किसानों को बेवकूफ बना रहे हैं। मगर अब ये कानून वापस लेने ही पड़ेंगे।
एडीसीपी ने खुद संभाली सुरक्षा की कमान
प्रोफेसर राजिंदर भंडारी के घर का घेराव करने से पहले ही सीनियर पुलिस अधिकारी खुद मौके पर पहुंच गए। एडीसीपी 3 समीर वर्मा, एसीपी गुरप्रीत सिंह और एसीपी वैभव सहगल के साथ साथ कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान पुलिस की तरफ से बैरिकेडिंग कर दी गई और रस्सी लगाकर पूरा इलाका ही सील कर दिया गया। एडीसीपी ने किसानों को मनाया और कोठी से कुछ ही दूरी पर धरना लगाने की इजाजत दी।