प्रदेश में सरकारी जमीनों पर बढ़ रहे कब्जों के मद्देनजर पंजाब राज्य मंडी बोर्ड की मंडियों को कब्जों से सुरक्षित रखने के लिए पैसको से पूर्व सैनिक रखने का फैसला किया है।
यह फैसला पंजाब मंडी बोर्ड के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की स्थानीय किसान भवन में आयोजित बैठक में लिया गया।
बैठक के बाद मंडी बोर्ड के चेयरमैन अजमेर सिंह लखोवाल ने बताया कि बैठक में कई प्रशासनिक और विकास मुखी प्रस्तावों पर फैसले लिए गए।
इस में सबसे महत्वपूर्ण फैसला राज्य की मंडियों पर नाजायज कब्जों को रोकने के लिए पूर्व सैनिकों को रखने का है।
उन्होंने बताया कि बठिंडा जिले दूसरे जिलों क ी मार्केट कमेटियों के साथ जोड़ने का फैसला किया है, जो अभी तक इनसे नहीं जुडे़ हैं।
पंजाब में नई मार्केट क मेटियां बनाने संबंधी नियमों में संशोधन करने का फैसला भी हुआ है।
मंडी बोर्ड द्वारा बिजली का बेहतर प्रबंध करने के लिए जूनियर इंजीनियरों की भर्ती करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कम से कम एक जिले मे एक जेई जरूर होना चाहिए।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के छात्रों के दिए जाने वाले वजीफे के बारे छात्रों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया। अब तक प्रति माह इन छात्रों को तीन सौ रुपये वजीफा दिया जाता है।
इस राशि को भी बढ़ाने का प्रस्ताव है।
बैठक में मंडी बोर्ड के उपाध्यक्ष रविंदर सिंह चीमा, वित्तायुक्त (विकास) सुरेश कुमार, मंडी बोर्ड के सचिव दीपिँदर सिंह और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।