वेतन और ओवरटाइम देने और फिरोजपुर के जीएम द्वारा ईएमटी के साथ दुर्व्यवहार करने के विरोध में शुक्रवार को जिले की दस 108 एंबुलेंस गाड़ियों के पहिए थमे रहे।
हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने गाड़ियों को थाने में खड़ी कर चाबियां पुलिस के हवाले कर दी। कंपनी और कर्मियों के बीच वेतन और अन्य मांगों को लेकर चल रही खींचतान से सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ गई है।
कर्मचारियों की माने तो रेगुलर ड्यूटी के दौरान पूरे जिले में एक दिन में कम से कम 25-30 कॉल सड़क हादसों में घायलों के संबंध में आती थी। वहीं दस कॉल तो मात्र गर्भवती महिलाओं को अस्पताल दाखिल करवाने संबंधी होती थी। मुक्तसर के जिला अध्यक्ष प्रगट सिंह और उपाध्यक्ष गुरप्यार सिंह ने बताया कि वह तो अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका लोगों के साथ कोई वैर नहीं है।
कर्मियों की मांगों को मानने के स्थान पर कंपनी अनुभवहीन ड्राइवरों को काम करने के लिए विभिन्न जिलों में भेज रही है। जबकि ईएमटी पुराने वाले ही ड्यूटी देंगे। लेकिन ईएमटी और ड्राइवर कंपनी के खिलाफ लगातार संघर्ष को जारी रखेंगे। इस अवसर पर स्टाफ में कैशियर सुखजिंदर सिंह, लखविंदर सिंह, अरविंदर सिंह, रेशम सिंह, तरसेम सिंह, लखविंदर सिंह और बख्शीश सिंह भी मौजूद थे। कंपनी के रीजनल हैड जतिंदर शर्मा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन बार-बार कॉल करने पर भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।