पंजाब की जेलों में जैमर लगाने में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव (सीएस) को शुक्रवार सुबह 10 बजे वीसी के जरिये तलब किया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि जेल में आपातकाल जैसे हालात हैं और आप फंड की कमी की दलील दे रहे हैं। क्यों न वीआईपी काफिलों में मौजूद जैमर वहां से हटा कर जेलों में भेज दें।
हाईकोर्ट में जेलों में सुरक्षा को लेकर लिए गए संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि जैमर के लिए पैसे मंजूर हो चुके हैं, लेकिन फंड की कमी के कारण देरी हो रही है।
हाईकोर्ट ने कहा कि जेलों की सुरक्षा बेहद गंभीर मामला है, जेलों में आज आपातकाल जैसे हालात बन चुके हैं। इतने संवेदनशील मुद्दे पर भी सरकार गंभीर नहीं है। हाईकोर्ट ने वीरवार को सुनवाई के दौरान कहा कि अब मुख्य सचिव खुद इस पर जवाब दें। सुनवाई को साढ़े तीन बजे तक के लिए टाल दिया गया। शाम को हाईकोर्ट को बताया गया कि किसानों के साथ बैठक के चलते मुख्य सचिव पेश नहीं हो सके।
इस पर हाईकोर्ट ने अब सुनवाई को शुक्रवार सुबह 10 बजे तय किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जेलों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता, अगर सरकार के पास फंड की कमी है तो वीआईपी सुरक्षा में लगे जैमर उतार कर जेलों में लगवा दो।
एसआईटी ने जांच के लिए अक्तूबर तक का मांगा समय
लॉरेंस बिश्नोई के खरड़ में हुए इंटरव्यू को लेकर जांच कर रही एसआईटी ने बताया कि उन्हें जांच पूरी करने के लिए अक्तूबर तक की मोहलत दी जाए। अक्तूबर में उन सभी अधिकारियों के नाम सौंप दिए जाएंगे जो इस इंटरव्यू के लिए जिम्मेदार हैं। राजस्थान के एडवोकेट जनरल किसी तकनीकी खामी के कारण सुनवाई में नहीं जुड़ पाए। अब तक इस मामले की सुनवाई जस्टिस अनुपेंद्र ग्रेवाल कर रहे थे, लेकिन आज यह मामला मुख्य न्यायाधीश की अदालत के समक्ष सुनवाई के लिए पहुंचा था।