बीएसएफ की गोली से बचने को बदले नियम
सरहद पर बीएसएफ की गोली का निशाना न बने, इसलिए दोनों देशों के तस्करों ने तस्करी करने के नियमों में बदलाव किया है। पहले सरहद पर फेंसिंग में प्लास्टिक की पाइप डाल कर भारत क्षेत्र में हेरोइन के पैकेट फेंकते बीएसएफ की गोली से तस्कर मर चुके हैं।
नये तस्करों का पाक तस्करों से संपर्क
जब कोई तस्कर पकड़े जाने पर लंबे समय तक जेल चला जाता है तो वो अपने साथी को पाक तस्करों के नंबर देता है जो वाट्सएप के माध्यम से उनसे संपर्क कायम करते हैं। यही कारण है तस्करी का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक और बात सामने आई है कि तस्करों और गैंगस्टरों ने आपस में हाथ मिला लिया है। पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम आने वाले विदेशी हथियार गैंगस्टरों तक पहुंच रहे हैं। हेरोइन का धंधा भी कई गैंगस्टर कर रहे हैं।
अमृतसर व दिल्ली से होती है पेमेंट
पाक तस्करों को धनराशि पहुंचने के सवाल पर इस तस्कर ने कहा कि ये बड़े तस्कर जानते हैं। उनसे तो यहीं के तस्कर नगदी वसूल लेते हैं। वैसे पाक तक नगदी पहुंचाने का काम अमृतसर व दिल्ली से होता है। धन कमाने की होड़ में तस्करी के धंधे में कई नए चेहरे उतर रहे हैं। ये नेटवर्क बहुत बड़ा है और इसमें कई कानून के रखवाले व सफेद पोशाक पहने वाले भी शामिल हैं।
पाक तस्करों का समर्थन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी करती है। आईएसआई इन्हीं तस्करों की मदद से भारत में विस्फोटक सामग्री भिजवाती है। कई नए तस्कर हेरोइन तस्करी में अच्छा पैसा कमाने लगते हैं, तो आईएसआई अपने तस्करों के माध्यम इन्हीं तस्करों को विस्फोटक सामग्री पहुंचा कर भारत में बैठे अपने एजेंटों तक पहुंचाती है या फिर इन्हीं को पैसों का लालच देकर विस्फोट करवाती है। कुछ माह पूर्व जलालाबाद की सब्जी मंडी व फिरोजपुर की गोबर मंडी में विस्फोट हुए थे। जलालाबाद में हुए विस्फोट में बम रखने वाला मारा गया था। जांच में सरहदी गांव चांदी वाला का तस्कर व गांव धर्मूवाला का तस्कर पकड़ा गया था और इनके पास से टिफिन बम भी बरामद हुए थे।
पाक मोबाइल कंपनी का सिग्नल पहुंच रहा भारत
पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे भारतीय गांवों में पाकिस्तानी मोबाइल कंपनियों का सिग्नल पहुंच रहा है। जब आप सरहदी गांवों में प्रवेश करेंगे तो मोबाइल पर पाक मोबाइल कंपनी जाज, टेलीनॉर, जोंग व क्यूमोबाइल के टावर दिखने शुरू हो जाते हैं। पाकिस्तानी सिमकार्ड भारतीय तस्करों के पास बहुत हैं। इसी सिमकार्ड से वाट्सएप के जरिए दोनों देशों के तस्कर संपर्क साधते हैं और लोकेशन भेज कर हेरोइन-असलहा की खेप मंगवाते हैं। पाक मोबाइल कंपनियों ने अपने सिग्नल की रेंज बहुत ज्यादा छोड़ी हुई है।