प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस मारकंडे काटजू ने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। मीडिया के साथ बातचीत में काटजू ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब में आकर उन्हें अथाह मानसिक शांति मिली है। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी रूपा काटजू भी मौजूद थी।
इस दौरान जस्टिस काटजू ने प्रेस की आजादी के संबंध में कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। समाचार पत्रों में की गई आलोचना को सरकारों को सकारात्मक ढंग से लेना चाहिए और अखबारों की ओर से उठाए गए मुद्दों को भी सत्ताधारियों की ओर से गंभीरता से लेते हुए समाज में सुधार और सामाजिक विकास पर जोर देना चाहिए।
प्रेस को भी पूरी जिम्मेदारी से लोगों के मामलों को पेश करना चाहिए और लोक हितों को पहल देनी चाहिए। श्री हरमंदिर साहिब पहुंचने पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने जस्टिस काटजू का स्वागत किया और उनके सिरोपा देकर सम्मानित किया।
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस काटजू ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और अल्पसंख्यकों को हमेशा ही न्याय दिलवाया। इस अवसर पर उनके साथ प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के कई सदस्य भी मौजूद थे। इसके बाद जस्टिस काटजू ने जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धासुमन भेंट किए।