पुलिस और किसानों के बीच टकराव।
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दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर गुरदासपुर के नंगल चौड़ और भरथ गांवों में मंगलवार को किसानों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान लाठीचार्ज में कई किसानों की पगड़ियां उतर गईं, जबकि 7 लोगों को चोटें आईं। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया, जबकि प्रशासन का दावा है कि जमीन का अधिग्रहण हो चुका है और किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है।
जिला प्रशासन की टीम सुबह 10 बजे पुलिस बल के साथ जमीन खाली कराने पहुंची, लेकिन किसानों ने उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध किया। जब प्रशासन ने फसलें हटाने के लिए मशीनें चलानी शुरू कीं, तो किसानों ने मशीन के आगे लेटकर उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उनकी फसलों को नष्ट कर दिया। घायलों में परमिंदर सिंह चीमा, अजायब सिंह, गुरमुख सिंह समेत अन्य शामिल हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
किसानों के आरोप
किसान नेता सरवण सिंह पंधेर का कहना है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर उनकी खड़ी फसलों को नष्ट किया। किसानों ने आप सरकार पर केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने और कॉरपोरेट के हितों की रक्षा करने का आरोप लगाया। वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। उनके अनुसार, यह जमीन अब सरकार की है और किसानों का यहां खेती करना अवैध है।
विपक्ष ने बोला हमला
विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आप सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने किसानों से बातचीत की बजाय बल प्रयोग किया है। बाजवा ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने एमएसपी पर मूंग खरीदने और बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देने के वादे पूरे नहीं किए।