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पंजाब : मोगा में हवालात में पीटने के आरोप में थाना प्रभारी व मुंशी निलंबित, एएसआई बर्खास्त

Wed, 07 Apr 2021 01:20 PM IST
निवेदिता वर्मा रोहित शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)

सार

  • सरकारी वकील व उसके दोस्त की कार पार्किंग पर सिक्योरिटी गार्ड से हुई थी बहस
  • सरकारी वकील के दबाव में पुलिस ने किया गिरफ्तार, वीडियो वायरल
  • डीजीपी तक पहुंचा मामला, दो सस्पेंड, एएसआई टर्मिनेट
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मोगा में पुलिस की बर्बरता - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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पंजाब के मोगा में हवालात में पिटाई के आरोप में थाना प्रभारी, मुंशी और एएसआई के खिलाफ विभाग ने सख्त कदम उठाया है। मोगा के एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल ने थाना सिटी वन के प्रभारी इंस्पेक्टर जसवंत सिंह को सस्पेंड कर दिया और मुंशी यादविंदर सिंह को लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया है। वहीं मुख्य आरोपी एएसआई अमरजीत सिंह को नौकरी से बर्खास्त (डिसमिस) कर दिया गया। 

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इसकी पुष्टि डीएसपी सिटी बरजिंदर सिंह भुल्लर और थाना सिटी वन के नवनियुक्त प्रभारी इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह ने की है। बता दें कि पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था और पीड़ित पक्ष ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिनकर गुप्ता से इंसाफ की गुहार लगाई थी। वहीं डीजीपी ने कार्रवाई करने का आदेश जारी किया था। इस मामले की पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।

यह है मामला
25 मार्च को मोगा की शहीद भगत सिंह मार्केट में शाम के समय कथित तौर पर शराब के नशे में धुत एक सरकारी वकील और उसका दोस्त अपनी गाड़ी के पास खड़े थे। इस दौरान वहां पर डीटीडीसी कूरियर कंपनी के मैनेजर लवकिरन सिंह और उसके सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें वहां से गाड़ी हटाने को कहा, क्योंकि कुछ ही समय के बाद कूरियर कंपनी की गाड़ी आने वाली थी। लेकिन शराब के नशे में धुत सरकारी वकील और उसके दोस्त ने सिक्योरिटी कंपनी के मैनेजर और उसके दोस्त के साथ बहस की और बात हाथापाई पर उतर आई। 
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इस दौरान रसूख का फायदा उठाते हुए सरकारी वकील ने थाना सिटी से ड्यूटी अफसर एएसआई अमरजीत सिंह को मौके पर बुलाया और सिक्योरिटी मैनेजर लवकिरन और उसके गार्ड को गिरफ्तार करवा दिया। एएसआई दोनों को थाने में ले आया और लकड़ी की काठ में उनकी टांगे फंसा दी, जिसके बाद उन्हें रिहा करने के एवज में कथित तौर पर 20 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर उन्हें पीटा गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सुपरवाइजर महिंद्रपाल लूंबा भी थाने में थे और उन्होंने अपने मोबाइल में पिटाई का वीडियो कैद कर लिया। 

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर वकील एचसी अरोड़ा के जरिये मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जिसके बाद डीजीपी दिनकर गुप्ता को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने यह कार्रवाई की। इस पूरे मामले में ज्यादती करने वाले एएसआई अमरजीत सिंह पर कार्रवाई होने के बाद पीड़ित लवकिरन सिंह और समाजसेवी महिंदरपाल सिंह लूंबा ने कहा कि मामले में कुछ लोग उन पर समझौते का दबाव डाल रहे थे लेकिन वह पीछे नहीं हटे।

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