प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नव नियुक्त सचिवों ने पार्टी के पूर्व प्रधान और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पार्टी के नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिख कैप्टन अमरिंदर सिंह को कांग्रेस का दुश्मन बताते हुए उन्हें पार्टी से बाहर निकालने की मांग की है। नेताओं ने पत्रकार वार्ता में साफ किया है कि अगर पार्टी कैप्टन अमरिंदर सिंह को बाहर का रास्ता नहीं दिखाती है तो पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के पुतले फूंके जाएंगे। कांग्रेसी नेताओं ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को अकाली दल का समर्थक होने के साथ उनके खालिस्तान के संबंध होने की बात भी कही है।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में अनिल दत्ता, वरिंदर शर्मा, सेठ सतपाल मल (सभी पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश सचिव), पूर्व सचिव सतनाम बिट्टा ने कहा कि कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस लोगों पर हो रहे अत्याचार और उनकी दिक्कतों को जोर-शोर से उठा रही है। यह बात ही कैप्टन अमरिंदर सिंह को हजम नहीं हो रही है, वह खुद बाजवा की बढ़ रही लोकप्रियता से घबरा रहे हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के कारण ही कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं ने पार्टी को अलविदा कह दिया। सचिव अनिल दत्ता और बिट्टा ने कहा कि कैप्टन ने कांग्रेस के सफाये का सारा खेल बादल परिवार के कहने पर किया है। क्योंकि कैप्टन के बादल परिवार से गहरे रिश्ते हैं।
बादल परिवार से कैप्टन के रिश्तों की बात का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा रहा है कि जहां एक तरफ पूरी कांग्रेस और पंजाब के लोग भोला की तरफ से राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर लगाए आरोपों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं तो कैप्टन ने पंजाब पुलिस पर भरोसा जताते हुए सीबीआई जांच से इंकार कर दिया है।
कैप्टन के इस बयान से साफ है कि कैप्टन, बादल परिवार के नजदीकी हैं। दत्ता व बिट्टा ने कहा कि जब कांग्रेस पार्टी ने अकाली दल में धक्के खा रहे कैप्टन को 1997 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी थी तो उस समय सिमरनजीत सिंह मान ने साफ किया था कि कैप्टन के आतंकवादियों के साथ गहरे रिश्ते हैं। मान ने इसकी फोटो भी जारी की थी।
नेताओं ने कहा कि कांग्रेस ने समय-समय पर कैप्टन अमरिंदर सिंह पर विश्वास जताया है लेकिन कैप्टन ने उस विश्वास का कत्ल किया है। 2012 में कांग्रेस की हुई हार के लिए भी कैप्टन अमरिंदर सिंह ही जिम्मेदार हैं। अगर पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बाहर का रास्ता न दिखाया तो पार्टी को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
दत्ता ने कहा कि कैप्टन अहमद शाह अबदाली का रोल अदा कर रहे हैं।
राजा के परिवार ने महाराजा रणजीत सिंह को भी नीचा दिखाने के लिए काफी प्रयास किए हैं। कैप्टन का अकाली दल का समर्थक होना ही था कि राजा के बेटे ने पटियाला में शूटिंग मुकाबलों के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया को बतौर मुख्यातिथि बुलाया व उनका स्वागत किया। इस दौरान सतनाम बिट्टा ने कहा कि बाजवा के शासनकाल के दौरान वर्कर लामबंद हो रहे हैं। यही कैप्टन को मंजूर नहीं है। कैप्टन पंजाब कांग्रेस के किसी भी प्रधान को चलने नहीं देते। शमशेर सिंह दूलो, सांसद मोहिंदर सिंह केपी व बीबी राजिंदर कौर भट्ठल के साथ कैप्टन ने क्या किया सब जानते हैं। अब वही खेल वह प्रताप बाजवा के साथ खेल रहे हैं।