सीईओ डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि इन 10 प्रोजेक्टों के शुरू होने से लगभग 1.10 लाख एकड़ क्षेत्रफल में पैदा होने वाली करीब 2.75 लाख टन पराली का उपभोग होगा, जिससे पराली को आग लगाने की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। इन प्रोजेक्टों से लगभग 5.00 लाख टन सालाना कार्बन डाईऑक्साइड और अन्य प्रदूषकों के निकास को रोका जाएगा, जोकि सालाना 83,000 पेड़ लगाने के बराबर है।