किरती किसान यूनियन के नेता कर्मजीत मानव ने बताया कि हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई के लिए किसानों ने करीब दो बजे डीसी दफ्तर पर धरना शुरू कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं की वार्ता के बाद करीब छह बजे धरना खत्म हुआ और पुलिस ने किसान नेताओं को रिहा कर दिया।
एसओआई समर्थकों ने पहले किया पथराव: किसान नेता
किसान नेताओं का आरोप था कि वे सुखबीर बादल की रैली का शातिपूर्ण विरोध करने गए थे लेकिन किसानों पर अकाली दल के एसओआई समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया, जिस कारण किसानों और एसओआई समर्थकों में तकरार शुरू हो गई। इसी दौरान पुलिस ने भी किसानों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।
अभी तक किसी किसान के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है। फुटेज देखकर पहचान की जाएगी और उपद्रव में शामिल किसानों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने कुछ किसानों को हिरासत में लिया है। कुछ किसान और हमारे छह जवान घायल हुए हैं। गुरदीप सिंह, एसपी(एच), मोगा।
मोगा सीट को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों पर लगा विराम
सुखबीर बादल ने मोगा रैली के दौरान पूर्व मंत्री जत्थेदार तोता सिंह के पुत्र बृजेंद्र सिंह मक्खन बराड़ को मोगा हलके से उम्मीदवार घोषित कर दिया। बीते विधानसभा चुनाव में मक्खन बराड़ यहां से चुनाव हार गए थे। बीते कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि जैन ग्रुप के पूर्व मेयर अक्षित जैन को उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है।