शनिवार शाम शहर में आयोजित ‘चाय पे चर्चा’ कार्यक्रम भाजपा के लिए एक कड़वा अनुभव साबित हुआ। लोग शुरुआत में बड़ी संख्या में इस शो को देखने के लिए इकट्ठे हुए, लेकिन चाय और नाश्ता करने के बाद कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ निकल लिए।
शहर में स्थानीय वाल्मीकि चौक पर और डौहाल व हरियाना में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वाल्मीकि चौक पर कुर्सियां और एलईडी स्क्रीन लगा कर एक बड़े पंडाल का माहौल बनाया गया था। कार्यक्रम का आगाज मुख्यमंत्री के सलाहकार तीक्ष्ण सूद ने किया। इस दौरान आगे की पंक्ति महिला वर्करों के लिए आरक्षित थी।
महिला दिवस पर महिलाओं को अधिमान देते हुए तीक्ष्ण सूद कुर्सियों की चौथी-पांचवीं पंक्ति में बैठे थे। कार्यक्रम में जैसे ही चाय और समोसे परोसे गए लोग एक-एक कर जाने लगे।
इस दौरान शालीमार नगर से एक महिला ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय की समस्या के बारे में अपने सुझाव मोदी के साथ सांझा कर रही थीं तो पंडाल में केवल कुछ ही लोग बैठे थे। वहां लगी कुर्सियों में से ज्यादातर खाली पड़ी थीं। पंडाल में एक ओर कुछ भाजपा वर्कर तीक्ष्णसूद और अन्य भाजपा नेताओं के साथ बैठे थे जबकि सामने स्क्रीन पर किरण बेदी मोदी के सामने अपने सवाल रख रही थीं।
इन कुछ लोगों ने किरण बेदी के सवाल और मोदी के जवाब सुने। कार्यक्रम भारत माता की जय और नरेंद्र मोदी व तीक्ष्ण सूद के जिंदाबाद के नारों के साथ समाप्त हो गया।