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भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: वित्त मंत्री चीमा बोले- दोषी नहीं बख्शे जाएंगे, चाहे वह ऊंचे पद पर क्यों न हो

Tue, 13 Jan 2026 07:15 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भ्रष्टाचार के खिलाफ पंजाब सरकार जीर टॉलरेंस की नीति अपना रही है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने चेतावनी दी है कि भ्रष्ट अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा, भले ही वे कितने भी बड़े पद पर तैनात क्यों न हो। 
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वित्तमंत्री हरपाल चीमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वित्त विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही ऊंचे पद पर क्यों न हो।  

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वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वर्ष 2022 के मध्य में खजाना एवं लेखा शाखा (मुख्यालय) और विभिन्न जिला खजाना कार्यालयों में तैनात चार कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतें मिलते ही विभाग ने बिना किसी देरी के कार्रवाई की। इन चारों अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया और मामले की गहन जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दिया गया। पूरी जांच के बाद दिसंबर 2025 में निर्णायक कार्रवाई की गई। सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के पद पर तैनात एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि शेष तीन कर्मचारियों को सेवा नियमों के अनुसार कड़ी सज़ा दी गई है। 

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कानूनी कार्रवाई को भी तार्किक अंजाम तक पहुंचाया गया है। जांच के दौरान विजिलेंस ब्यूरो अमृतसर रेंज द्वारा बर्खास्त किए गए सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उक्त आरोपी को 11 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया और प्रारंभिक हिरासत समाप्त होने के बाद 12 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुरदासपुर की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए आरोपी का एक दिन का पुलिस रिमांड दिया है। 
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चीमा ने खुलासा किया कि चारों आरोपी कर्मचारियों के बैंक खातों की जांच के दौरान 22 अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए। पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन लेन-देन की जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से करवाई गई। इस निष्पक्ष जांच के आधार पर अब इन सभी 22 अधिकारियों के विरुद्ध नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को पारदर्शी, जिम्मेदार और स्वच्छ प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। जहां भी भ्रष्टाचार सामने आएगा, वहां अधिकारी के पद की परवाह किए बिना तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाइयां स्पष्ट संदेश हैं कि किसी भी परिस्थिति में गैर-कानूनी गतिविधियों और अनुचित आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मान सरकार की प्राथमिकता पंजाब के लोगों के लिए एक ईमानदार और भरोसेमंद प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है।

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