किसान मजबूर, जाएं तो जाएं कहां
हरियाणा के किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी रविवार को खनौरी बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की मांगें वही हैं। किसान चुपचाप विरोध कर रहे हैं, लेकिन कोई उनकी बात नहीं सुन रहा। सरकार को किसानों को बातचीत के लिए बुलाना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए। किसान मजबूर हैं ऐसे में अपनी मांगों को लेकर कहां जाएं। क्योंकि सरकारें सुनने को तैयार नहीं है। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि जो लोग पहले (तीन कृषि कानूनों के खिलाफ) विरोध प्रदर्शन में शामिल थे, अगर वे इस विरोध में शामिल हो जाएं, तो विरोध का वजन बढ़ जाएगा।