पंजाब के प्रमुख शहरों में ई-चालान सिस्टम लागू होने के बाद एक साल के अंदर ही चालान चार गुना से ज्यादा बढ़ गए हैं। हर दो मिनट में तीसरी आंख चालान काट रही है जिससे एक साल के अंदर ही चालान में 4 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है। साथ ही सात गुना जुर्माना राशि में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
वर्ष 2024 में 3.98 लाख लोगों के 83 करोड़ रुपये के ई-चालान काटे गए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में वीरवार को एक रिपोर्ट पेश कर इसकी जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में 72,191 चालान हुए थे जो वर्ष 2024 में बढ़कर 3,97,839 तक पहुंच गए हैं। सरकार की तरफ से चरणबद्ध तरीके से ई-चालान सिस्टम लागू किया जा रहा है जिससे चालान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्ष 2022 के दौरान प्रदेश में 53,106 चालान हुए थे। वहीं वर्ष 2023 में ई-चालान से वाहन चालकों पर कुल 12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
इस दौरान वाहन चालकों ने 6.76 करोड़ रुपये की चालान राशि जमा करवाई दी जबकि 5.30 करोड़ रुपये की राशि लंबित रही। वर्ष 2024 में 83 करोड़ रुपये के चालान काटे गए। इसमें 52.26 करोड़ रुयये की चालान राशि वाहन चालकों ने जमा करवा दी लेकिन 30.94 करोड़ रुपये चालान राशि लंबित रह गई। वर्ष 2022 में चालान कम होने के साथ सिर्फ 4.66 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि लगाई गई।
पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी रिकाॅर्ड चालान
पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी रिकार्ड ई-चालान काटे जा रहे हैं। वर्ष 2024 में 31,26,277 चालान काटे गए और 5.68 अरब का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह वर्ष 2023 में 34,03,726 ई-चालान किए गए और 6.19 अरब का जुर्माना ठोका गया है।
पंजाब के बड़े शहरों में लागू किया ई-चालान सिस्टम
प्रदेश के बड़े शहरों में ई-चालान सिस्टम लागू किया जा रहा है। चंडीगढ़ की तर्ज पर ही इसे अलग-अलग जिलों में लागू किया जा रहा है। मोहाली जिले में 400 कैमरे लगाए गए जिससे ई-चालान की व्यवस्था शुरू की गई लेकिन वाहन चालक अभी भी यातायात नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं जिस कारण चालानों की संख्या बढ़ रही है। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में भी ई-चालान सिस्टम लागू किया गया था।
चालान जमा न कराने वाले वाहनों को किया था ब्लैक लिस्ट
हाल ही में परिवहन विभाग ने उन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी जो अपना चालान जाम नहीं करवा रहे हैं। इस दौरान 6800 वाहनों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। साथ ही इनकी जानकारी वाहन पोर्टल पर भी दर्ज कर दी गई थी जिससे इन वाहनों की आरसी को ट्रांसफर और रिन्यू नहीं कराया जा सकता है। ऐसे वाहनों को जब्त करने कार्रवाई भी विभाग की तरफ से शुरू की जाएगी। इनमें ऐसे ही भी वाहन शामिल हैं जिनकी जुर्माना राशि 1 लाख रुपये से भी अधिक है।