2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जीरा हलके में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी (आप) और शिरोमणि अकाली दल (बादल) सहित प्रमुख दलों में टिकट के लिए दावेदार सामने आ रहे हैं। आगामी चुनाव में आप, कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। विभिन्न नेता लोगों से संपर्क साधकर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं।
टिकट की दौड़ में शामिल
आप की टिकट के लिए मौजूदा विधायक नरेश कटारिया के अलावा गुरप्रीत सिंह और शमिंदर खिंडा ने भी दावेदारी जताई है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल (बादल) की टिकट की दौड़ में हरप्रीत सिंह हीरो का नाम भी सामने आ रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (बादल) और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं।
आप के संभावित दावेदार गुरप्रीत सिंह ने हलके के विभिन्न गांवों में लोगों से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। उन्होंने लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जीरा में अपना दफ्तर भी खोला है। गुरप्रीत के सक्रिय राजनीति में रुचि लेने से विभिन्न सियासी दलों में हलचल बढ़ गई है।
कांग्रेसी नेता कुलबीर सिंह जीरा भी पिछले विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद सक्रिय हुए हैं। वह लोगों के भोग और सामाजिक कार्यक्रमों में लगातार शिरकत कर रहे हैं। कुलबीर सिंह जीरा लोगों के छोटे-बड़े मसलों को हल करवाने में भी रुचि ले रहे हैं। हाल ही में उन्होंने मुलाजिमों के धरने में पहुंचकर आप सरकार के खिलाफ बयानबाजी की थी।
विकास कार्यों पर विधायक और भाजपा नेता आमने-सामने
विधायक नरेश कटारिया ने हलके में सड़कों के निर्माण और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का दावा किया है। उन्होंने दरिया के किनारे करीब 120 करोड़ रुपये खर्च कर नोचें बनाने की बात कही। कटारिया ने हरिके हेड से निकलने वाली नहर पर करीब 190 करोड़ रुपये खर्च कर सिंचाई का पानी पहुंचाने का भी दावा किया।
मल्लांवाला में सीवरेज पाइप लाइन के लिए 29 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, भाजपा नेता अवतार सिंह मिन्ना ने इन विकास दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हलके में कोई उल्लेखनीय विकास नहीं हुआ है। मिन्ना ने क्षेत्र में नशे की बिक्री, सीवरेज पाइप लाइन की गुणवत्ता, सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति का आरोप लगाया।
चुनावी इतिहास
2022 के विधानसभा चुनाव में आप के नरेश कटारिया ने अकाली दल (बादल) के जनमेजा सिंह सेखों को 22,776 वोटों के अंतर से हराया था। उस चुनाव में कुल 1,87,300 मतदाताओं में से 78.8 फीसदी ने मतदान किया था। 2017 में कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा ने अकाली दल के हरि सिंह को 23,071 वोटों से हराया था। 2012 में अकाली दल के हरि सिंह ने कांग्रेस के नरेश कटारिया को 11,967 वोटों के अंतर से मात दी थी।
स्थानीय समस्याएं
स्थानीय स्तर पर बिजली, कानून-व्यवस्था, पेयजल और सीवरेज जैसी कई समस्याएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। क्षेत्र में दुकानदारों को बदमाशों द्वारा पिस्तौल के बल पर लूटने की वारदात सामने आती रही हैं। सीवरेज की समस्या भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है, जहां गलियों में गंदा पानी जमा रहता है।