22 नई लोक अदालत मंजूर
वित्तमंत्री चीमा ने कहा कि सरकार अब तक कई विभागों में 50 हजार पदों पर भर्ती कर चुकी है। अब 3 हजार नए पदों पर भर्ती की जा रही है। पंजाब स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी को 22 नई लोक अदालत स्थापित करने के लिए मंजूर दी गई है। मलेरकोटला में असिस्टेंट डायरेक्टर, सीनियर असिस्टेंट और सेवादार के तीन पद मंजूर किए गए हैं। आबकारी एवं कराधान विभाग में प्रदेश में टैक्स चोरी को पकड़ने के लिए 476 नए पदों को मंजूर दी गई है। इसके साथ अब आबकारी विभाग के इंस्पेक्टरों का रैंक स्टेट टैक्सेशन ऑफिसर के तौर पर बदल दिया गया है। आबकारी विभाग में 53 ड्राइवरों, दो हजार पीटीआई टीचरों की भर्ती, स्वास्थ्य विभाग में ग्रुप सी के तहत 822 पदों पर भर्ती और एसएएस नगर स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में 97 नए पदों को मंजूरी दी गई है।
अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे से 50 हजार लोगों को रोजगार
50 हजार लोगों के रोजगार के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल ने अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे (एकेआईसी) परियोजना के हिस्से के रूप में राजपुरा में इंटीग्रेटेड मैनुफेक्चरिंग क्लस्टर एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (आईएमसी) स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना को लागू करने के लिए बनाए गए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी), एनआईसीडीसी पंजाब इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर डेवलेपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड को भूमि के हस्तांतरण के लिए स्टांप शुल्क, पंजीकरण शुल्क और अन्य अतिरिक्त खर्चों में छूट देने की अनुमति दी गई है। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय व्यापार, वैश्विक प्रतिस्पर्धी व्यवसाय और निवेश के लिए उपयुक्त माहौल बनाने के लिए विशेष व्यवस्था कायम करना है। यह परियोजना औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 32724 और गैर-औद्योगिक क्षेत्र में 14880 लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगी।
प्रॉपर्टी मालिकों को वन टाइम सेटलमेंट स्कीम से राहत
पंजाब सरकार ने प्रदेश के ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों को राहत दी है, जिन संपत्ति मालिकों ने अपनी किस्तों का भुगतान या अलॉटमेंट के बाद तय समय में निर्माण नहीं किया है। लोगों को बड़ी राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने डिफॉल्टर आवंटियों के लिए माफी नीति (एमनेस्टी पॉलिसी) को भी मंजूरी दे दी है। इनमें वे आवंटी शामिल हैं, जो पुडा और अन्य संबंधित विकास प्राधिकरणों की ओर से उन्हें आवंटित किए गए प्लॉट/भूमि के पैसे जमा नहीं करा सके। इस नीति के अनुसार डिफॉल्टर अपनी बकाया राशि बिना किसी जुर्माने के स्कीम ब्याज के साथ एकमुश्त जमा करा सकते हैं। इस स्कीम के तहत गैर-निर्माण खर्च 50 प्रतिशत तक माफ किए जाएंगे और आईटी सिटी, एसएएस नगर में आवंटित किए गए संस्थागत स्थानों/अस्पतालों के लिए प्लॉट/औद्योगिक प्लॉट या विकास प्राधिकरणों की किसी अन्य योजना के मामले में 2.50 प्रतिशत की दर से एक्सटेंशन फीस लगेगी और आवंटियों को आवंटन पत्र की सभी शर्तों को पूरा करने के लिए तीन साल की अवधि दी जाएगी।