जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के साथ संगत
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डेरा बाबा नानक श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को जल्द खोलने की मांग को लेकर सोमवार शाम भारत-पाकिस्तान की सिख संगत की ओर से जीरो लाइन पर अरदास की जानी थी। इसके लिए पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, करतारपुर से नगर कीर्तन जीरो लाइन की ओर लाया जा रहा था। वहीं, भारत की ओर से भी बड़ी संख्या में संगत धार्मिक समागम में शामिल होने पहुंची थी। हालांकि जीरो लाइन से पहले बीएसएफ ने संगत को रोक दिया। इससे मौके पर रोष का माहौल बन गया। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह भी संगत के साथ जीरो लाइन पर अरदास के लिए पहुंचे थे। दर्शन स्थल पर केवल पांच सिंहों के साथ अरदास करने की बात रखी गई थी, लेकिन उन्हें भी आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद जत्थेदार संगत के साथ वहीं जमीन पर बैठ गए और रहिरास साहिब का पाठ शुरू कर दिया।
संगत को रोकने पर जत्थेदार ने जताया रोष
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि संगत श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थान श्री करतारपुर साहिब के दर्शन और कॉरिडोर जल्द खुलने की अरदास के लिए पहुंची थी। उन्होंने कहा कि संगत में बच्चे और आम श्रद्धालु भी शामिल थे। ऐसे में उन्हें जीरो लाइन की ओर जाने से रोकना श्रद्धालुओं की भावनाओं के लिए दुखद है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कुछ लोगों को विशेष अनुमति दी जा सकती है तो आम संगत को धार्मिक कार्यक्रम के लिए आगे जाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही। जत्थेदार ने कहा कि गुरु नानक देव जी के प्रति सिख संगत की आस्था किसी सीमा या दीवार से खत्म नहीं हो सकती।