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स्थिति गंभीर: नाै प्रतिशत बढ़े टीबी के मरीज, निजी अस्पतालों में टीबी के मरीजों पर भी नजर रखेगी सरकार

Wed, 15 Jan 2025 04:43 PM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब निजी अस्पतालों में टीबी का इलाज करवा रहे मरीजों पर भी नजर रखी जाएगी। विभाग ने लुधियाना, जालंधर, बठिंडा, पटियाला व अमृतसर से इसकी शुरुआत कर दी है। विभाग ने इसके लिए वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स एजेंसी को हायर किया है।
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टीबी - फोटो : ani
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विस्तार
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पंजाब के साथ ही पूरे देश भर में ट्यूबरोक्लोसिस (टीबी) की बीमारी गंभीर धारण करती जा रही है। सूबे में लगातार टीबी के मरीजों में बढ़ोतरी होती जा रही है। अगर पिछले एक साल का रिकार्ड चैक करें तो 9 प्रतिशत अधिक टीबी के मरीज बढ़ गए हैं। 
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टीबी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पंजाब सरकार ने नई पहल की है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब निजी अस्पतालों में टीबी का इलाज करवा रहे मरीजों पर भी नजर रखी जाएगी। विभाग ने लुधियाना, जालंधर, बठिंडा, पटियाला व अमृतसर से इसकी शुरुआत कर दी है। विभाग ने इसके लिए वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स एजेंसी को हायर किया है।

यह एजेंसी टीबी के मरीजों को ट्रैक करेगी। साथ ही मरीज के संपर्क में आए लोगों का पता लगाकर उनकी टेस्टिंग की जाएगी, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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विभाग के अनुसार सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाने वाले मरीजों को तो वह पूरी तरह से मॉनिटर करते हैं, लेकिन निजी अस्पतालों के मरीजों व उसके संपर्क में लोगों पर नजर रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इसी कारण उन्होंने इस नई पहल की शुरुआत की है। जिसके तहत वह इन मरीजों के पास जाएंगे और उनको टीबी से संबंधित दिशा-निर्देशों की अच्छी से पालना करने की अपील करेंगे। साथ ही सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवाने की भी उनको पेशकेश की जाएगी। इसी तरह मरीज के संपर्क में आए लोगों की टेस्टिंग होगी, ताकि संक्रमण को आगे बढ़ने से रोका जा सके। विभाग के अनुसार 70 प्रतिशत निजी अस्पताल सूबे के इन पांच जिलों में ही है, जिसके चलते इन जिलों से इसकी शुरुआत की गई है। अगले साल से मोहाली को भी इस परियोजना में शामिल किया जाएगा।

एक साल में ही 9 प्रतिशत बढ़ गए मरीज 

एक साल में ही 9 प्रतिशत टीबी के मरीज बढ़ गये हैं, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है। वर्ष 2023 में 54,999 टीबी के मरीज सामने आए थे, लेकिन वर्ष 2024 में टीबी के मरीजों की संख्या बढ़कर 60,000 के करीब पहुंच गई हैं। इसी कारण विभाग ने अपनी टेस्टिंग भी बढ़ा दी है।

वर्ष                  मरीज
2019             58049
2020             46412
2021             50525
2022             54736
2023             54999

इस तरह फैलता है संक्रमण

टीबी एक संक्रामक रोग है। जब कोई टीबी का मरीज खांसता या छींकता है तो उससे निकलने वाले कणों के संपर्क में आने से लोग टीबी का शिकार हो सकते हैं। अगर समय रहते इस बीमारी का इलाज कराया जाए और इलाज को पूरा किया जाए तो मरीज पूरी तरह से इससे ठीक हो सकता है। बता दें कि 46 से 60 वर्ष क आयु के मरीजों के लिए टीबी अधिक खतरनाक है। वर्ष 2024 जनवरी से अक्तूबर तक 46 से 60 साल की आयु के मरीजों की मृत्यु दर 5.9 दर्ज की गई। इसी तरह 60 साल से ऊपर आयु के मरीजों की मृत्यु दर 10.1 प्रतिशत दर्ज की गई।

अब निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे टीबी के मरीजों का भी डाटा जुटाया जाएगा, ताकि मरीज के संपर्क में आए लोगों को ट्रैक करने के साथ ही उनकी टेस्टिंग कराई जा सके। विभाग ने इस काम के लिए एजेंसी हायर की है और पांच जिलों में इस पर काम शुरू कर दिया गया है। - राजेश भास्कर, राज्य टीबी अधिकारी, पंजाब।
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