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सुखबीर के नजदीकी सतिंदर कोहली गिरफ्तार: 328 स्वरूप चोरी मामले में दर्ज है केस, पंजाब की सियासत गरमाई

Thu, 01 Jan 2026 04:10 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर

सार

सतिंदर कोहली पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूप चोरी होने के मामले में केस दर्ज किया गया था। सूत्रों के अनुसार, उन्हें पंचकूला से गिरफ्तार किया गया है। 
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सतिंदर कोहली - फोटो : फाइल
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विस्तार
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल के करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली को नए साल के पहले दिन वीरवार को गिरफ्तार कर लिया।

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यह मामला न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि इसमें करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन और लापरवाही के आरोप भी शामिल हैं। सतिंदर कोहली को जांच एजेंसियों ने पंचकूला से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। वह लंबे समय से एजेंसियों के रडार पर थे और उनसे पहले भी कई बार पूछताछ की जा चुकी थी।

यह मामला 2016 में सामने आया था जब श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित जांच समिति ने एसजीपीसी के रिकाॅर्ड की पड़ताल के दौरान 328 पावन स्वरूपों के गायब होने का खुलासा किया था। जांच में यह भी सामने आया कि वर्षों तक इस गंभीर अनियमितता को नजरअंदाज किया गया। समय रहते न तो उचित ऑडिट हुआ और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने आवश्यक कदम उठाए। इसी जांच में सतिंदर कोहली की भूमिका पर सवाल उठे थे।

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एसजीपीसी के साथ जुड़े रहे हैं सतिंदर

सतिंदर एसजीपीसी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे। वर्ष 2009 में उनकी फर्म को एसजीपीसी के आंतरिक आडिट और खातों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सौंपा गया था। आरोप है कि इसके बदले उन्हें हर महीने मोटी फीस दी जाती थी। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि जिन जिम्मेदारियों के लिए उन्हें नियुक्त किया गया था, उनमें से अधिकांश का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया गया। इसी लापरवाही के कारण 328 पावन स्वरूपों के गबन का मामला लंबे समय तक दबा रहा। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2020 में एसजीपीसी ने सतिंदर की सेवाएं समाप्त कर दी थीं और उनके भुगतान का एक बड़ा हिस्सा रोकने का भी फैसला लिया गया था। 7 दिसंबर 2025 को कोहली समेत 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें धोखाधड़ी, विश्वासघात और अन्य गंभीर धाराएं लगाई गईं।

सुखबीर की कंपनियों में सीए रहे हैं सतिंदर

सतिंदर की गिरफ्तारी को राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है। वह सुखबीर और उनसे जुड़ी कुछ कंपनियों के लिए भी चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में कार्य कर चुके हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सार्वजनिक मंच से इस मामले का जिक्र करते हुए एसजीपीसी और अकाली दल पर सवाल उठाए थे। मुख्यमंत्री के बयान के बाद जांच एजेंसियों की सक्रियता और तेज हो गई थी, जिसे अब कोहली की गिरफ्तारी से जोड़कर देखा जा रहा है। सतिंदर से पूछताछ अभी शुरुआती चरण में है। आने वाले दिनों में उनसे जुड़े वित्तीय नेटवर्क, आय के स्रोत और एसजीपीसी से संबंधित फैसलों की गहराई से जांच की जाएगी। यदि पूछताछ में नए तथ्य सामने आते हैं, तो इस मामले में और भी बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं।

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