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जगरांव में आवारा कुत्तों का खूनी आतंक: बिहार के मजदूर को नोच-नोच कर मार डाला, धान की रोपाई करने आया था

Fri, 03 Jul 2026 11:36 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, जगरांव (पंजाब)

सार

बुधवार रात रमेश के मोबाइल पर फोन आया। वह फोन पर बात करने के लिए खेतों की ओर चला गया। इसी दौरान पास की हड्डा रोड़ी के आसपास घूम रहे करीब 12-13 आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया।
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मृतक रमेश मंडल - फोटो : संवाद/फाइल
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विस्तार
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जगरांव के नजदीकी गांव पब्बियां में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ।
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धान की रोपाई के लिए बिहार से आए एक मजदूर को आधी रात खेतों में 12-13 आवारा कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और उसे इतनी बेरहमी से नोचा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुरुवार सुबह खेत में पड़ा क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत के साथ-साथ प्रशासन के खिलाफ भारी रोष भी है।

मृतक की पहचान रमेश मंडल (पुत्र जागेश्वर), निवासी मख्खनाहा, जिला पूर्णिया (बिहार) के रूप में हुई है। वह हर साल की तरह इस बार भी गांव पब्बियां के किसान हरबंस सिंह के खेतों में धान की रोपाई करने अपने साथियों के साथ आया था।
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जानकारी के अनुसार बुधवार रात सभी मजदूर खेत में बने मोटर कमरे की छत पर सो रहे थे। देर रात रमेश के मोबाइल पर फोन आया। वह फोन पर बात करने के लिए नीचे उतरकर खेतों की ओर चला गया। इसी दौरान पास की हड्डा रोड़ी के आसपास घूम रहे करीब 12-13 आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया।

बताया जा रहा है कि रमेश ने जान बचाने के लिए काफी संघर्ष किया और मदद के लिए जोर-जोर से चीखता रहा, लेकिन दिनभर खेतों में कड़ी मेहनत करने के कारण उसके साथी गहरी नींद में सोए रहे और उसकी आवाज किसी तक नहीं पहुंच सकी। खूंखार कुत्तों ने उसकी गर्दन और शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह नोच डाला, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

सुबह जब साथी मजदूर उठे तो खेत में रमेश का लहूलुहान और क्षत-विक्षत शव देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही चौकी चौकीमान के प्रभारी सुखमंदर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
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पहले भी मचा चुके हैं आतंक

यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जगरांव शहर में एक ही दिन में 15 लोगों पर आवारा कुत्तों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था, जिससे पूरे शहर में दहशत फैल गई थी। उस समय पार्षद दविंदरजीत सिंह सिद्धू के हस्तक्षेप के बाद नगर काउंसिल की टीम ने अभियान चलाकर कई आवारा कुत्तों को पकड़ा था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका और अब एक प्रवासी मजदूर की जान चली गई।

ग्रामीणों में भारी गुस्सा

इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और नगर काउंसिल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों के झुंड लंबे समय से लोगों और पशुओं पर हमला कर रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी दर्दनाक त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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