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सुखबीर बादल की बढ़ी मुश्किलें: एसआईटी ने इस केस में जारी किया समन, पेशी के लिए बुलाया चंडीगढ़

Thu, 16 Jul 2026 03:25 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट

सार

बेअदबी मामले को लेकर बहिबल कलां में हुए गोलीकांड में यह समन जारी किया गया है। पूर्व उप-मुख्यमंत्री को 20 जुलाई सोमवार को चंडीगढ़ बुलाया गया है।
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सुखबीर सिंह बादल, पूर्व उप-मुख्यमंत्री - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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साल 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े बहिबल कलां गोलीकांड की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पंजाब के तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। एसआईटी ने उन्हें 20 जुलाई (सोमवार) को चंडीगढ़ में पेश होने के निर्देश दिए हैं।

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जानकारी के मुताबिक हाल ही में अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने बहिबल कलां गोलीकांड मामले में सुखबीर सिंह बादल की कथित भूमिका को लेकर अपना बयान दर्ज कराया था। इसके बाद एसआईटी ने जांच में तेजी लाते हुए उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया है। एसआईटी ने इस मामले में घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया है और कई गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं। इसके अलावा कोटकपूरा के तत्कालीन अकाली विधायक मनतार सिंह बराड़ और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला से भी पूछताछ की जा चुकी है। मनतार सिंह बराड़ से दो बार पूछताछ के बाद अब एसआईटी ने सुखबीर सिंह बादल को भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है।
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10 साल से हो रही राजनीति 
मामले को लेकर सुखबीर बादल ने प्रतिक्रिया दी है कि मुझे जहां मर्जी बुला लें मैं वहां पेश हो जाऊंगा। बीते 10 साल से चालान तक पेश नहीं किया गया। आरोपियों को पकड़ने की बजाय राजनीति खेली जा रही है। अब चार माह के बाद असली आरोपी हम पकड़ेंगे। 

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गौरतलब है कि बरगाड़ी बेअदबी प्रकरण से जुड़े बहिबल कलां गोलीकांड में पुलिस फायरिंग के दौरान दो सिख युवकों की मौत हुई थी। इस मामले में अभी एक चार्जशीट दाखिल होना बाकी है। संभावना जताई जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद उस समय की सरकार से जुड़े कुछ अकाली नेताओं के नाम भी मामले में शामिल किए जा सकते हैं।

क्या है बहिबल कलां गोलीकांड?
बता दें कि साल 2015 में फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला और बरगाड़ी गांवों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं सामने आई थीं। इसके विरोध में सिख संगठनों और स्थानीय लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। 14 अक्तूबर 2015 को बहिबल कलां में मुख्य हाईवे पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर बल प्रयोग किया और गोलीबारी की। इस फायरिंग में दो सिख प्रदर्शनकारियों, गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह, की मौत हो गई थी।
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