चंडीगढ़ पीजीआई के एडवांस्ड ट्रॉमा सेंटर (एटीसी) में सोमवार सुबह मरीज के परिजनों और न्यूरोसर्जरी विभाग के एक सीनियर रेजिडेंट के बीच कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद पीजीआई में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों में नाराजगी फैल गई।
एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एआरडी) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी परिजनों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, सीनियर रेजिडेंट सोमवार सुबह एडवांस्ड ट्रॉमा सेंटर में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान एक मरीज के परिजनों के साथ किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। फिलहाल दोनों पक्ष सेक्टर-11 थाना पुलिस के समक्ष मौजूद हैं और मामले की जांच की जा रही है।
घटना के बाद एआरडी अध्यक्ष डॉ. विष्णु जिंजा ने कहा कि ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है। इस तरह की घटनाएं न केवल डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को भी प्रभावित करती हैं।
एआरडी ने प्रशासन और पुलिस के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई, एडवांस्ड ट्रॉमा सेंटर सहित सभी मरीज देखभाल क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना, ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाना तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सुरक्षा में हुई किसी भी चूक की जवाबदेही तय करना शामिल है।
रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि वे चौबीसों घंटे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मरीजों का उपचार करते हैं और उन्हें भय व हिंसा से मुक्त सुरक्षित कार्यस्थल मिलना चाहिए। एआरडी ने घायल सीनियर रेजिडेंट के प्रति एकजुटता जताते हुए अस्पताल प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।