पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। विधानसभा सत्र शुरू होते ही कांग्रेसी पार्षदों ने नशे और कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेसी पार्षद नारेबाजी करते हुए सदन के बीचों बीच आ गए। इस दौरान आप पार्षदों ने भी कांग्रेसी पार्षदों का विरोध किया।
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि नशे के लिए कांग्रेस और पिछली सरकारें जिम्मेवार है और आज यह राजनीति कर रहे हैं। प्रश्नकाल शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। कांग्रेसी पार्षद बैनर और पोस्टर लेकर विधानसभा में पहुंचे। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान कोई और मुद्दा न उठाया जाए।
कृषि मंत्री में डीएपी खाद के मुद्दे पर कहा कि डीएपी खाद प्रदेश की मांग के अनुसार उपलब्ध है। समय पर खाद उपलब्ध करवाने के लिए सरकार वचनबद्ध है। सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को डीएपी के साथ जबरदस्ती खाद न दी जाए। केंद्र ने भी स्पष्ट किया है कि खाद की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। खाद की कालाबाजारी और मिलावटी खाद के मुद्दे पर भी सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।
कांग्रेस के विरोध के चलते आप विधायकों ने भी विरोध करना शुरू कर दिया। इस पर स्पीकर ने सभी विधायकों को बैठने के लिए बोला। उन्होंने कहा कि डीएपी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के अलावा कोई बात नहीं की जाए।
विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह ने डीएपी खाद का मुद्दा उठाया। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से लेट लतीफी की जाती है लेकिन लगातार मुद्दा उठा रहे है और प्रदेश में डीएपी घटने नहीं दी जाएगी। केंद्र के समक्ष लागतार इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
आधे घंटे के बाद भी विधानसभा में कांग्रेस का विरोध जारी है, जिसके बाद कांग्रेसी पार्षदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि कांग्रेस लाशों पर राजनीति कर रहे हैं। परगट सिंह प्रदेश कांग्रेस के प्रधान बने हैं और भाजपा अकाली दल का हिस्सा रहे। यह खुद नशे के लिए जिम्मेदार है। पंजाब इनका इतिहास जानता है।
वहीं अबोहर के अजय हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर मृतक की मां और अन्य परिजनों ने शुक्रवार को भी विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ सहित अन्य नेताओं ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समर्थन दिया। जाखड़ ने बताया कि वीरवार को भी अजय कुमार की मां और परिवार के सदस्य इन्साफ की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया।
अजय कुमार को 27 सितंबर को अबोहर के संत नगर में गोलियां मारी गई थीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसका कई दिनों तक इलाज चला। 19 अक्तूबर को उसकी मृत्यु हो गई। परिवार अबोहर में भी इन्साफ की मांग को लेकर धरना दे रहा है। परिजनों के अनुसार, मृतक का अभी तक पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है।
अजय की मां और परिवार के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 2015 में भीम हत्याकांड हुआ था। अजय के भाई ने इस मामले में गवाही दी थी। इस गवाही के आधार पर कुछ दोषियों को 20 साल की सजा हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि जमानत पर बाहर आए एक व्यक्ति ने उनके बेटे को गोलियां मारीं।